बालाघाट में बाघ के हमले से किसान की मौत, गांवों में दहशत का माहौल

WhatsApp Channel Join Now
बालाघाट में बाघ के हमले से किसान की मौत, गांवों में दहशत का माहौल


बालाघाट, 10 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बाघ के हमले में एक किसान समेत उसकी गाय और बछड़े की मौत हो गई। तीनों के शव सोमवार सुबह जंगल में मिले। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्य वन संरक्षक गौरव चौधरी के अनुसार घटना खैरलांजी वन परिक्षेत्र के पाण्डवानी के सतीटोला गांव के समीप जंगल की है। गांव निवासी 50 वर्षीय देवक राम वाघमारे रोजाना की तरह रविवार को अपने मवेशियों को चराने जंगल गए थे। शाम तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।

सोमवार सुबह वन विभाग की टीम ने दोबारा तलाश अभियान शुरू किया। इस दौरान श्मशान घाट के समीप जंगल में देवक राम का शव मिला। कुछ दूरी पर उनकी गाय और बछड़ा भी मृत अवस्था में मिले। तीनों के शरीर पर पंजों के निशान और हमले के अन्य चिन्ह पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बाघ के हमले से तीनों की मौत होना बताया जा रहा है।

सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए कटंगी के शासकीय अस्पताल भेजा गया है। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल के आसपास बाघ की मौजूदगी के संबंध में भी जांच शुरू कर दी है।

दक्षिण सामान्य वन मंडल के अनुविभागीय अधिकारी यशपाल मेहरा ने बताया कि मृतक के परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके बाद दो दिनों के भीतर आठ लाख रुपये तथा एक माह के भीतर 17 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

घटना के बाद सतीटोला सहित आसपास के गांवों में भय का वातावरण है। ग्रामीणों में जंगल की ओर जाने को लेकर चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है। घटनास्थल कान्हा-पेंच वन्यजीव गलियारे के क्षेत्र में आता है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में मानव-बाघ संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों से लगे गांवों में बाघों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रही हैं। बालाघाट की घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्र से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

Share this story