जबलपुर : विस्फोटक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय स्थलों की जांच के लिए दल गठित

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जबलपुर : विस्फोटक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय स्थलों की जांच के लिए दल गठित


जबलपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेन्द्र सिंह ने सोमवार को बारहमासी फटाका संग्रहण, विक्रय एवं निर्माण स्थलों तथा विस्फोटक सामग्री के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं विक्रय से संबंधित लाइसेंसधारियों के प्रतिष्ठानों की सघन जांच के लिए पांच दलों का गठन किया गया है।

मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग के निर्देशों के अनुपालन में गठित पांचों जांच दलों की कमान संयुक्त कलेक्टर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अथवा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है।

प्रत्येक दल में संबंधित क्षेत्र के अतिरिक्त या नायब तहसीलदार एवं नगर निगम के फायर अधिकारी को भी शामिल किया गया है।

आधारताल एवं रांझी अनुविभाग के विस्फोटक भंडारण केंद्रों की जांच की जिम्मेदारी संयुक्त कलेक्टर मानवेन्द्र सिंह तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी बरगी अंजुल अयंक के नेतृत्व में गठित दल को सौंपी गई है।

अनुविभाग जबलपुर के विस्फोटक भंडारण केंद्रों की जांच के लिये तीन दल गठित किये गये हैं। इनमें सयुंक्त कलेक्टर ज्योति परस्ते एवं नगर पुलिस अधीक्षक रीतेश कुमार शिव, सयुंक्त कलेक्टर सृष्टि प्रजापति एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पाटन लोकेश डाबर तथा सयुंक्त कलेक्टर अनुराग सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन के नेतृत्व में गठित जाँच दल शामिल हैं।

इन तीनों जांच दलों को नौ-नौ लायसेंसियों के विस्फोटक भंडारण केंद्रों की जांच का दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार कुंडम, पाटन एवं सिहोरा अनुविभाग के विस्फोटक भंडारण केंद्रों की जांच सयुंक्त कलेक्टर पंकज मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती राजेश्वरी कौरव के नेतृत्व में गठित दल करेगा।

जांच के दौरान लाइसेंस की वैधता, भंडारण क्षमता, सुरक्षा मानकों का पालन, परिसर का भौतिक सत्यापन, स्टॉक रजिस्टर, फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।

किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उसका उल्लेख करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन जिला प्रशासन को प्रस्तुत किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान जिले में बारहमासी फटाकों और विस्फोटक पदार्थों के सुरक्षित निर्माण एवं भंडारण एवं उपयोग को सुनिश्चित करने तथा संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। सभी जांच दलों को निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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