ईओडब्ल्यू की जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं, हाईकोर्ट में आठ सुनवाई

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ईओडब्ल्यू की जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं, हाईकोर्ट में आठ सुनवाई


जबलपुर, 15 मार्च (हि.स.)। फर्जी बीमा और वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े चर्चित मामले में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज के संचालक रोहित खटवानी के खिलाफ आरोप सिद्ध होने और जिला अदालत से अग्रिम जमानत खारिज होने के बावजूद उसकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है और सुनवाई के दौरान लगातार तारीखें बढ़ती जा रही हैं, जिससे पूरे मामले में जांच एजेंसी की भूमिका पर भी चर्चा तेज हो गई है।

हाईकोर्ट में यह जमानत याचिका 11 दिसंबर 2025 को दायर हुई थी और पहली सुनवाई 7 जनवरी 2026 को जस्टिस संदीप एन. भट्ट की अदालत में हुई। उस दिन ईओडब्ल्यू के अधिवक्ता ने केस डायरी हाल ही में मिलने का हवाला देकर बहस के लिए समय मांगा, जिसके बाद मामला 14 जनवरी के लिए सूचीबद्ध किया गया।

14 जनवरी को भी ईओडब्ल्यूकी ओर से समय मांगा गया और अदालत ने आखिरी अवसर देते हुए सुनवाई 19 जनवरी के लिए तय की। 19 जनवरी को आरोपी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता के अन्य अदालत में व्यस्त होने का हवाला देकर फिर समय मांगा गया, जिस पर अदालत ने टिप्पणी की कि सूची में ऊपर लगे मामलों को इस तरह टालने को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके बावजूद अगली सुनवाई 16 फरवरी तय कर दी गई।

इसके बाद भी सुनवाई का सिलसिला टलता ही रहा। 16 फरवरी को अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण मामला 23 फरवरी तक टल गया, जबकि 23 फरवरी को आरोपी पक्ष ने फिर समय मांग लिया और सुनवाई 25 फरवरी के लिए तय हुई। 25 फरवरी को दो सप्ताह का समय मांगा गया और मामला 13 मार्च को सूचीबद्ध हुआ। 13 मार्च को यह मामला सूची में सबसे ऊपर होने के बावजूद दोनों पक्षों की ओर से समय मांग लिया गया, जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई 31 मार्च 2026 तय कर दी।

इस बीच EOW की जांच रिपोर्ट में आरोप सिद्ध होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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