अनूपपुर: सोनमौहरी जंगल पहुंचे हाथी, दो घरों में तोड़फोड़, कलेक्टर ने लिया जायजा, निगरानी के दिए निर्देश
अनूपपुर, 29 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला के वनमंडल के जैतहरी वन परिक्षेत्र से दो हाथियों का समूह शनिवार तड़के सोनमौहरी के जंगलों में पहुंच गया। हाथियों ने रातभर विचरण के दौरान बेलिया और अमगवां गांवों में दो ग्रामीणों के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। हाथियों की लगातार आवाजाही और ग्रामीणों को हो रहे नुकसान को देखते हुए कलेक्टर रत्नाकर झा ने शनिवार दोपहर सोनमौहरी का जायजा लिया और 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए।
इन गांवों तक पहुंचा झुंड
शुक्रवार को गोबरी जंगल में दिन बिताने के बाद, हाथियों का दल शाम को ग्राम पंचायत पंगना के जल्दाटोला, पगनाकछरा, गोबरी के बेलियाकछरा और छुलहा के बेलिया पहुंचा था। देर रात उन्होंने तिपान नदी, अनूपपुर-जैतहरी रेलवे लाइन और मुख्य मार्ग को पार किया।
शनिवार सुबह वे अमगवां के गोहाटोला होते हुए अनूपपुर वन परिक्षेत्र के सोनमौहरी बीट के जंगल में पहुंचे, जहां उन्होंने दिनभर विश्राम किया। इस दौरान रास्ते में आने वाले गांवों की खेतों में लगी फसलों आहार बनाते उन्हें पैरों के कुचलने से नुकसान पहुंचाया तो वहीं दो मकानों में आहार की खोजबीन में मकान को क्षतिग्रस्त कर उसके अंदर रखे अनाज भी खा गए।
ग्रामीणों को अलर्ट करने के निर्देश
कलेक्टर रत्नाकर झा ने सोनमौहरी के बांस और मिश्रित प्लांटेशन पहुंचकर हाथियों को देखा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को हाथियों की आवाजाही पर 24 घंटे सतत निगरानी रखने और प्रभावित तथा आसपास के ग्रामीणों को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए।इस दौरान डीएफओ डेविड वेंकटराव चनाप, जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा, अनूपपुर परिसर सहायक विजय सोनवानी, जैतहरी परिसर सहायक रिचर्ड रेगी राव और वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल सहित वनरक्षक व सुरक्षा श्रमिक मौजूद रहे।
तीन फीट का नाग दिखा
निरीक्षण के दौरान जिला मुख्यालय के सर्पप्रहरी एवं वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने कलेक्टर रत्नाकर झा को एक रेस्क्यू किया गया 3 फीट लंबा जहरीला नाग दिखाया। अग्रवाल ने शनिवार सुबह जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर बैरीबांध गांव में धर्मेंद्र सिंह के घर धान रखने वाले कुठला में गिरे कोबरा का सफल रेस्क्यू किया था। उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने के लिए वे सोनमौहरी जंगल लाए थे, जहां कलेक्टर की मौजूदगी में नाग को स्वतंत्र विचरण के लिए जंगल में छोड़ दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

