अनूपपुर: हाथियों ने 7 दिन में 8 घर तोड़े, 30 से अधिक किसानों की फसलों को किया बर्बाद
अनूपपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश का अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़ के मरवाही से आए दो हाथियों का समूह पिछले सात दिनों से ग्रामीणों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। 14 अगस्त की रात चोलना बीट से दाखिल हुए ये हाथी दिन में जंगलों में रहते हैं और शाम होते ही रिहाइशी इलाकों तथा खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। शुक्रवार की शाम 4 बजे ही से ही जंगल से निकल कर ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बना रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह में हाथियों ने चोलना और धनगवां बीट के पड़रिया, कुकुरगोड़ा, चोई, भलुवान टोला, कुसुमहाई, पटौरा और टकहुली गांवों में जमकर तबाही मचाई है। हाथियों ने 8 से अधिक कच्चे मकानों को तोड़ दिया है और 30 से ज्यादा किसानों की धान की फसल को पूरी तरह रौंद दिया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार शाम को पचौहा के पाठबाबा जंगल से निकलकर हाथी खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाते दिखे। इससे पहले कुसुमहाई के झंडीटोला में एक शिक्षक के घर तक पहुंचे हाथियों को ग्रामीणों ने खदेड़ा था, जिसके बाद हाथियों ने टकहुली गांव में एक घर में तोड़फोड़ की।
तत्काल मुआवजा देने के निर्देश
हाथियों के लगातार विचरण और नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन और वनमंडलाधिकारी अनूपपुर ने पटवारियों और वनरक्षकों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर तुरंत मुआवजा और राहत प्रकरण तैयार करने के आदेश दिए हैं। तहसीलदारों को तय समय-सीमा के भीतर राहत राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही वन विभाग की विशेष गश्ती टीम 24 घंटे हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। लाउडस्पीकर के माध्यम से आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने और जंगलों की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

