भारतीय ज्ञान परंपरा को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने डीटीएसएस और एनआईटीटीटीआर में समझौता

WhatsApp Channel Join Now
भारतीय ज्ञान परंपरा को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने डीटीएसएस और एनआईटीटीटीआर में समझौता


भोपाल, 29 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान (DTSS) एवं राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR), भोपाल के मध्य भारतीय ज्ञान परंपरा को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया। समझौते पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा एवं एनआईटीटीटीआर भोपाल के निदेशक प्रो. चन्द्र चारू त्रिपाठी ने दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित पाठ्यक्रम एवं अध्ययन सामग्री के विकास, शोध, प्रशिक्षण, सेमिनार आदि को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, दोनों संस्थानों के संकाय एवं शोधकर्ताओं के बीच शैक्षणिक सहयोग और आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जाएगा।

दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, प्रकृति एवं समाज के बीच समन्वय की समृद्ध परंपरा रही है। यह समझौता भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े ज्ञान-विमर्श को शोध एवं शिक्षा के माध्यम से व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने में सहायक होगा। दोनों संस्थान मिलकर भारतीय ज्ञान के विभिन्न पक्षों के अनुसंधान एवं शैक्षणिक उपयोग की दिशा में कार्य करेंगे।

प्रो. त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि एनआईटीटीआर भोपाल और डीटीएसएस के मध्य यह सहयोग भारतीय ज्ञान परंपरा के समृद्ध ज्ञान-स्रोतों के वैज्ञानिक अध्ययन एवं आधुनिक तकनीकी शिक्षा में उनके प्रासंगिक उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पक्षों को समकालीन विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के संदर्भ में समझने और विकसित करने का अवसर मिलेगा।

भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग के अध्यक्ष डॉ. पी.के. पुरोहित ने कहा कि संयुक्त प्रयासों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित प्रामाणिक एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री विकसित करने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक इसे पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. रामेन्द्र सिंह, प्रो. अल्पना त्रिवेदी, डॉ. सचिन तिवारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

Share this story