सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद भोजशाला में 11वें दिन भी हुआ सर्वे



धार, 1 अप्रैल (हि.स.)। भोजशाला में एएसआई के सर्वे पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद यहां 11वें दिन भी सर्वे किया गया।

स्थानीय मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर भोजशाला का सर्वे कराने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की है। सोमवार को मामले में सुनवाई के बाद सु्प्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि मौलाना कमलाउद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने भोजशाला के सर्व को रोकने के संबंध में एक याचिका लगाई थी। कोर्ट ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर रोक नहीं लगाई है। सर्वे जारी रहेगा।

वहीं, भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के वकील शिरीष दुबे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद और विवेक तन्खा कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि काजी मोइनुद्दीन की ओर से याचिका लगाई गई थी। उन्होंने सर्वे को रोकने का आधार बताया कि काजी मोइनुद्दीन कमाल मौलाना के वंशज हैं। इंदौर हाई कोर्ट में काजी मोइनुद्दीन को पक्षकार नहीं बनाया गया है। उनकी अनुपस्थिति में सर्वे का आदेश हुआ है। सर्वे को निरस्त कर हमें सुना जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह याचिका मई 2022 में लगी और सर्वे का ऑर्डर 2024 में हुआ। क्या यह बात आपने हाई कोर्ट के समक्ष रखी थी। उन्होंने कहा कि जानकारी लगने के बाद हम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ज्ञानेंद्र/केशव दुबे/सुनील

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