जबलपुर में सड़क पर दौड़ीं आधुनिक एसी इलेक्ट्रिक बसें, मंत्री राकेश सिंह, महापौर व निगमायुक्त ने की पहली सवारी

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जबलपुर में सड़क पर दौड़ीं आधुनिक एसी इलेक्ट्रिक बसें, मंत्री राकेश सिंह, महापौर व निगमायुक्त ने की पहली सवारी


जबलपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में जन-परिवहन तंत्र को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में शुक्रवार को ‘पीएम ई-बस सेवा’ का भव्य ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने स्वयं बस में सवारी कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

ट्रायल के दौरान सिविल लाइन चौक से गोरखपुर मार्ग तक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस का संचालन किया गया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने सिविल लाइन से गोरखपुर तक सफर कर ई-बस की तकनीक, सीटिंग और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। इस मौके पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह ई-बस सेवा संस्कारधानी के नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी, जो शहर को प्रदूषण मुक्त और सुगम यातायात प्रदान करेगी।

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि पीएम बस योजना अंतर्गत आज 10 बसों के साथ ट्रायल रन शुरू हुआ जिसमें मार्ग क्रमशः ई-1 मदर टेरेसा नगर से रांझी घाना वाया घमापुर के लिए 5 बसें एवं ई-9 आई.एस.बी.टी. से भेड़ाघाट वाया अंधमूक बायपास तक 5 बसें आज संचालित की गयी। वहीं कल से दोनों रूटों में 20 बसों का संचालन किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि ई -1 मदर टेरेसा से घाना - मदर टेरेसा, आई.टी.आई., दीनदयाल बस स्टैंड, विजय नगर, बलदेव बाग रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, नौदरा ब्रिज, घंटाघर, कलेक्ट्रेट, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 6, हाई कोर्ट, घमापुर, बाई का बगीचा, कंचघर, सतपुला तिराहा, पनेहरा पेट्रोल पंप, व्हीकल टर्निंग, गोकलपुर, जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, रांझी, खमरिया पेट्रोल पंप, खमरिया फैक्ट्री, घाना तक इसी प्रकार ई-9 आई.एस.बी.टी. से भेड़ाघाट - आई.एस.बी.टी., दमोह नाका, बलदेव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, शास्त्री ब्रिज, मदन महल, प्रेमनगर, शारदा चैक, त्रिपुरी चैक, मेडिकल, धवनत्री नगर तिराहा, अंधमुख बायपास, तेवर, त्रिपुरी सुंदरी मंदिर, कुदन, मिरगंज, भेड़ाघाट चैक, शिल्पी नगर, पंचवटी, धुआंधार आदि।

महापौर ने बताया कि ई-बस सेवा अंतर्गत बस में स्वाचालित पैसेंजर अनाउंसमेंट सिस्टम यात्रियों को अगले बस स्टॉप की जानकारी देता है। रूट डिस्प्ले सिस्टम दृ रूट नंबर, एवं यात्रा से जुड़ी दूसरी जानकारी दिखाता है। व्हीलचेयर लिफ्ट दृ दिव्यांग यात्रियों के लिए आसानी से बस में चढ़ने की सुविधा देता है। सीटिंग कैपेसिटी व ऑटोमैटिक डोसर्रू बस में 25 सीटें हैं चढ़ने-उतरने के लिए 2 ऑटोमैटिक दरवाजे हैं जो केवल तय बस स्टॉप्स पर ही खुलेंगेध्बंद होंगे। सी.सी.टी.व्ही. सर्विलांस सिस्टम - यात्रियों की सुरक्षा के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा देता है। एयर सस्पेंशन सिस्टम दृ बेहतर राइड कम्फर्ट और स्थिरता सुनिश्चित करता है।

एफ.डी.ए.एस. फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम - आग के खतरों का पता लगाता है और पहले से चेतावनी देता है। पेनिक बटन - आपातकालीन स्थिति में महिलाओ के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करता है। कॉम्पैक्ट साइज - सामान्य बसों की तुलना में इनकी लंबाई-चैड़ाई थोड़ी कम रखी गई है, जिससे संकरे रास्तों और ट्रैफिक में मोड़ना बेहद आसान होगा।

ई-बस सेवा के इस ऐतिहासिक ट्रायल के अवसर पर शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, एमआईसी सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी, दामोदर सोनी, विवेक राम सोनकर, अंशुल राघवेंद्र यादव, रजनी कैलाश साहू के साथ-साथ कलेक्टर राघवेंद्र सिंह तथा निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार, अपर कलेक्टर आर.एस. राय, सौरभ मिश्रा, सी.ई.ओ. सचिन विश्वकर्मा ने भी बस में सफर किया और शहरवासियों को मिलने जा रही इस नई सुविधा पर प्रसन्नता व्यक्त की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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