अनूपपुर: गंदगी एवं कचरे के ढेर देख डीआरएम ने अधिकारियों को लगाई फटकार,जल्द सुधार के दिए निर्देश

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अनूपपुर: गंदगी एवं कचरे के ढेर देख डीआरएम ने अधिकारियों को लगाई फटकार,जल्द सुधार के दिए निर्देश


अनूपपुर: गंदगी एवं कचरे के ढेर देख डीआरएम ने अधिकारियों को लगाई फटकार,जल्द सुधार के दिए निर्देश


अनूपपुर, 05 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा रेलवे स्टेशन का डीआरएम बिलासपुर राकेश रंजन गुरुवार को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन में अमृत भारत योजना के अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया और निर्माण कार्य में हो रही देरी एवं कई मूलभूत सुविधाओं के साथ गंदगी को लेकर अधिकारियों पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई।

डीआरएम राकेश रंजन ने कोतमा रेलवे प्लेटफार्म क्रमांक एक और 2 का निरीक्षण किया इसके बाद वह रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पहुंचे और उसे निरीक्षण किया साथ ही इसके समीप ही बनाए गए रेलवे स्टाफ कॉलोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टाफ के साथ ही आफ तथा जीआरपी पुलिस और तकनीकी विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्लेटफार्म में गंदगी देख भडके

कोतमा रेलवे स्टेशन एवं कॉलोनी के निरीक्षण के दौरान परिसर में गंदगी एवं कचरे के ढेर देखते हुए डीआरएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए जल्द सुधार के निर्देश दिए गए। डीआरएम कोतमा रेलवे स्टेशन पर 40 मिनिट ठहरे रहे जहां प्लेटफॉर्म 3 का पैदल निरीक्षण किया। प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने हो रहे निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण करने की बात कही। कॉलोनी परिसर में लंबे समय से कचरे के ढेर को लेकर नाराजगी जताई जिसे हटाने के निर्देश देकर उसी स्थान में मिनी पार्क बनाने की बात कही। प्लेटफार्म में कुर्सियों के ना होने पर भी पूछताछ कर जल्द लगाने की बात कही। निरीक्षण में वाटर कूलर बंद पाया जिसे दुरुस्त करने एवं हर माह पानी की गुणवत्ता जांचने को कहा यात्रियों को साफ पानी ही उपलब्ध कराए। स्टेशन की खुली नालियों एवं गंदगी को देखकर उपस्थित स्वच्छता अधिकारी को फटकार लगाई।

स्थानीय नागरिक निरीक्षण की सूचना के बाद अपनी समस्याएं और रेल सुविधाओं से जुड़ी मांगें रखी। नगरवासियों का आरोप है कि स्टेशन वर्षों से अव्यवस्थाओं का शिकार है, लेकिन रेलवे प्रशासन केवल कागजी निरीक्षण कर अपनी जिम्मेदारी से बचता नजर आ रहा है। यात्रियों ने प्लेटफॉर्म शेड, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और ट्रेनों के ठहराव जैसी मांगों को दोहराते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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