अनूपपुर: शिक्षित बनो-संगठित रहो' के मंत्र से ही साकार होगा समतामूलक समाज का सपना- जिला पंचायत अध्यक्ष

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अनूपपुर: शिक्षित बनो-संगठित रहो' के मंत्र से ही साकार होगा समतामूलक समाज का सपना- जिला पंचायत अध्यक्ष


अनूपपुर: शिक्षित बनो-संगठित रहो' के मंत्र से ही साकार होगा समतामूलक समाज का सपना- जिला पंचायत अध्यक्ष


अनूपपुर: शिक्षित बनो-संगठित रहो' के मंत्र से ही साकार होगा समतामूलक समाज का सपना- जिला पंचायत अध्यक्ष


अनूपपुर, 14 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में 14 अप्रैल को भारतीय संविधान के जनक, महान समाज सुधारक और स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि मंत्री भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती जिला स्तरीय कार्यक्रम शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कई संगठनों ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।

अजाक्स की ओर से जिला मुख्यालय में एक रैली भी निकाली गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति सिंह ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस दौर में देश सामाजिक बुराई और असमानता की जंजीरों में जकड़ा था, तब महिलाओं के पास कोई सामाजिक अधिकार नहीं थे, उस समय बाबा साहेब एक 'रोशनी की किरण' बनकर आए। तब अपनी विद्वत्ता और दूरदर्शिता से एक ऐसे संविधान के निर्माण का उल्लेख किया, जो आज हर भारतीय नागरिक को समान दृष्टि से देखता है और सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों से 'शिक्षित बनो और संगठित रहो' के नारे को केवल दीवारों पर नहीं, बल्कि अपने जीवन में उतारने की अपील की।

उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे व्यक्ति न केवल उच्च पद हासिल कर सकता है, बल्कि अपने हक और सम्मान के लिए मजबूती से लड़ भी सकता है। उन्होंने बाबा साहेब द्वारा लिखी गई किताबों और उनके साहित्य को गहराई से पढ़ने का भी आग्रह किया।

जिंदगी लंबी होने के बजाय महान होनी चाहिए

भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने कहा कि आज हम जो स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों के साथ अपनी बात रख पा रहे हैं, यह बाबा साहेब की ही देन है। उन्होंने बाबा साहेब के इस विचार को दोहराया कि 'जिंदगी लंबी होने के बजाय महान होनी चाहिए', और इसी दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।

इस दौरान छात्राओं ने नाटक और गीतों के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार और 'शिक्षा की शक्ति' का सजीव चित्रण किया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को 'शिक्षित और संगठित' होने का प्रभावी संदेश दिया।

हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मजबूती

इस अवसर पर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु स्वरोजगार योजनाओं के तहत 54 लाख रुपये से अधिक के ऋण वितरण एवं स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। जिसमें भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना के तहत निखिल नारायण सिंह को ट्रैक्टर ट्रॉली (12 लाख), राम सिंह को राइस मिल (3 लाख), रामकुमार सिंह को ऑटो रिपेयरिंग (3 लाख), राजू प्रसाद कोल को सेट रिंग (5 लाख) और ओमकार कोल को टेंट हाउस (9.35 लाख) हेतु आर्थिक सहायता ऋण दिया गया। साथ ही संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत हरवेन्द्र प्रजापति को सेटरिंग कार्य (5 लाख), विकास कुमार दाहिया को पिकअप वाहन (10 लाख), आकाश जाटव को मसाला व्यापार (5 लाख) और नवीन प्रसाद कनौजिया को फुटवेयर शॉप (2 लाख) हेतु ऋण वितरित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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