अनूपपुर: जिला चिकित्सालय पांच दिनों से अंधेरे में,मरीज टॉर्च के सहारे; जिम्मेदार बेसुध

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अनूपपुर: जिला चिकित्सालय पांच दिनों से अंधेरे में,मरीज टॉर्च के सहारे; जिम्मेदार बेसुध


अनूपपुर: जिला चिकित्सालय पांच दिनों से अंधेरे में,मरीज टॉर्च के सहारे; जिम्मेदार बेसुध


अनूपपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। यहां जेनरेटर का पैनल कई दिनों से खराब है, जिसके कारण चिकित्सालय की पुराना भवन रात में अंधेरे में डूब जाता है। मरीज और उनके परिजन टॉर्च की रोशनी में इलाज कराने को मजबूर हैं। वहीं, चिकित्सालय की नये भवन सोलर पैनल से रोशन सये जगमग हैं।

कुछ दिन पूर्व कलेक्टर रत्नाकर झा, जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया था, तो फिर अधिकारियों ने क्या देखा? शुक्रवार को खबर लिखे जाने तक जिला चिकित्सालय अंधेरे में हैं। ज्ञात हो एक वर्ष पूर्व भी ऐसे हालात बने थे जब मिडिया ने जगाया था तब एक सप्तााह बाद सिविल सर्जन की नींद टूटी थी। इस दौरान खून जांच शहडोल से कराया जाता था।

जानकारी के अनुसार, जेनरेटर का पैनल खराब होने के बाद उसे सुधार के लिए भेजा गया है, लेकिन वह अब तक वापस नहीं आया। जिम्मेदारों ने पैनल खराब होने के बावजूद रोशनी के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में अगर बिजली सप्लाई में कोई खराबी आती है, तो पूरा चिकित्सालय परिसर घंटों अंधेरे में डूबा रह सकता है। पुराने भवन में अब भी ओपीडी, दवा वितरण, ड्रेसिंग, आपातकालीन उपचार और पुरुष-महिला भर्ती वार्ड संचालित होते हैं। इसके अलावा, बगल के ट्रामा यूनिट सेंटर में करोड़ों की एक्सरे, सोनोग्राफी और एमआरआई जांच मशीनें भी रखी हैं। इसी परिसर में पुलिस सहायता केंद्र भी बना है।

रोशनी नहीं होने से परेशान

इससे पहले गुरुवार को सुबह से दोपहर करीब 3 बजे तक बिजली की आंख-मिचौली के कारण चिकित्सालय की सेवाएं प्रभावित रहीं। बिजली कुछ मिनट के लिए आती और फिर कई मिनट तक बंद रहती थी। लगातार बिजली जाने से डॉक्टरों को अंधेरे में मरीजों का इलाज करना पड़ा, नर्सों को दवाइयां बांटने में दिक्कत हुई और खून की जांच व रिपोर्ट लेने का काम लगभग ठप हो गया। मरीज और उनके परिजन जांच के लिए घंटों कतार में खड़े रहे, लेकिन कई लोगों को न तो समय पर सैंपल मिल पाया और न ही जांच रिपोर्ट।

दिल्ली से मंगाए पार्ट्स

वहीं जिला चिकित्सालय अनूपपुर सिविल सर्जन डॉ. एसआर परस्ते ने बताया कि डायलिसिस यूनिट वाला एक डीजी चल रहा है, जबकि चिकित्सालय के पीछे लगे दो डीजी में एक खराब है और दूसरे ऑटोमेटिक डीजी के पार्ट्स में खराबी है। शहडोल के मिस्त्री इसकी जांच कर चुके हैं और पार्ट्स दिल्ली से मंगवाए गए हैं। पार्ट्स आने के बाद जनरेटर चालू हो जायेगा।

जानकारी नहीं पहुंची

विद्युत कंपनी अनूपपुर के डीई राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्सालय प्रबंधन की ओर से उन्हें विद्युत समस्या की कोई सूचना नहीं मिली हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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