पेयजल स्वच्छता को लेकर जिला प्रशासन की सख्त पहल
मंदसौर।, 13 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पेयजल स्रोतों की सफाई एवं गुणवत्ता जांच का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में पेयजल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई के साथ-साथ घर-घर जाकर पानी के नमूने लिए जा रहे हैं तथा आम नागरिकों को पेयजल की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में स्थित पानी की टंकियों, बावड़ियों एवं कुओं की विधिवत सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों एवं ग्रामों से पेयजल के सैंपल एकत्र कर उनकी वैज्ञानिक पद्धति से जांच की जा रही है, ताकि पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा लिए गए पानी के नमूनों की जांच निरंतर जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। इसमें पानी में मौजूद तत्वों की मात्रा, किसी तत्व की कमी या अधिकता तथा जल गुणवत्ता से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है, जिससे समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा सकें और नागरिकों को शुद्ध व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
इसी क्रम में मंगलवार को वार्ड कर्मचारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए गए। जल सुनवाई अभियान के अंतर्गत आम जनता से पेयजल व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया गया तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो तथा पेयजल स्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

