राजगढ़ में युवती से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
राजगढ़, 31 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में पदस्थ चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश अमजद अली की अदालत ने युवती से दुष्कर्म के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपित अशोक को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता दिनेश साहू ने शनिवार को बताया कि घटना 17 जनवरी 2026 की है। पीड़िता 14 जनवरी को घर से मेला देखने गई थी। इसी दौरान आरोपित अशोक उसका पीछा करने लगा था।
17 जनवरी की रात पीड़िता के परिवार के सदस्य उसके बड़े पापा को तलाशने के लिए बाहर गए हुए थे। घर पर वह अपनी छोटी बहन के साथ अकेली थी। इसी दौरान आरोपित अशोक उसके घर के बाहर पहुंचा। पीड़िता ने जब उसे पीछा नहीं करने के लिए कहा, तो आरोपित ने जबरन उसका मुंह दबाया और उसे अपने घर ले गया। वहां डराने-धमकाने के बाद उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी।
मामले में सुठालिया थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 87, 78 और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद आरोपित अशोक को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

