अनूपपुर: मानव अधिकारों की रक्षा शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी- प्रियंक कानूनगो

WhatsApp Channel Join Now
अनूपपुर: मानव अधिकारों की रक्षा शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी- प्रियंक कानूनगो


अनूपपुर, 01 जून (हि.स.)। मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा क‍ि मानव अधिकारों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मानव अधिकारों की रक्षा शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है तथा इस संबंध में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्‍होंने आयोग द्वारा मांगी गई जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने एवं पीड़ितों को त्वरित न्याय तथा राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

यह बात सोमवार को प्रियंक कानूनगो ने कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में मानव अधिकार और समावेशी विकास से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सघन समीक्षा करते हुए कहीं। उन्होंने शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी जानकारी प्राप्त करते हुए योजनाओं को सुचिता एवं पारदर्शिता के आधार पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के अधिकारियों को निर्देश दिए।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं दिव्यांग कल्याण से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड निर्माण की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विभिन्न विषयवार बिंदुओं के संबंध में जिले से अद्यतन जानकारी प्राप्त की। साथ ही नवजात शिशुओं के उपचार हेतु संचालित एनआरसी एवं न्यूबॉर्न केयर यूनिट में उपलब्ध बेड ऑक्युपेंसी की स्थिति की भी समीक्षा की।

उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 7,793 स्व-सहायता समूह एवं 14 संकुल स्तरीय संगठन कार्यरत हैं, जिनसे 83,885 परिवार जुड़े हुए हैं। जिले में नवाचार एवं महिला सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। इस संबंध में अवगत कराया गया कि पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में कोदो-कुटकी एवं बेकरी इकाइयों द्वारा निर्मित उत्पादों का विपणन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले में बीजापुरी कारीगर वर्कशॉप के माध्यम से काष्ठ शिल्प को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा प्रत्येक विकासखंड में आजीविका सिलाई केंद्र संचालित किए गए हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन कर मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही गोंडी चित्रकला एवं जंगली मधुमक्खी शहद संग्रहण गतिविधियों से 86 हितग्राहियों को जोड़ा गया है। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न आय सृजन एवं आजीविका संवर्धन गतिविधियों की प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य ने विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट, असंगठित मजदूर, कौशल विकास योजनाएं, पोषण आहार वितरण, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के क्रियान्वयन प्रयास एवं उपलब्धि, किशोर न्याय बोर्ड, वन स्टाप सेंटर के तहत लंबित मामलों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की, साथ ही लामा बच्चों की स्थिति के बारे में भी प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली।

जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत छात्रवृत्ति वितरण, एट्रोसिटी एक्ट के तहत मिलने वाली राहत राशि, अनुदान प्राप्त छात्रावासों के संचालन और विद्यालयों में बच्चों के प्रवेश की स्थिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने नगर परिषद अमरकंटक के सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाने तथा जो कर्मचारी भूमिहीन हैं उन्हें भी शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार योजना का लाभ दिलवाने के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन सफाई कर्मियों की आजीविका और अधिकारों से जुड़ी हर समस्या का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निराकरण किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों को धरातल पर प्रभावी और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।

प्रियंक कानूनगो ने नर्मदा नदी के संरक्षण, स्वच्छता एवं विकास कार्यों की समीक्षा में अधिकारियों ने अवगत कराया कि जिले के नर्मदा तटवर्ती पंच ग्रामों में नर्मदा पथ का विकास एवं पौधरोपण कार्य किया गया है। साथ ही नर्मदा परिक्रमा पथ पर यात्रियों की सुविधा हेतु सामुदायिक स्वच्छता परिसरों एवं सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना की प्रगति तथा विशेष रूप से बैगा परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किए जाने की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत जिले में 3,686 परिवारों की पहचान की गई थी, जिन्हें योजना का लाभ प्रदान किया गया है। इनमें से 3,464 परिवारों के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष आवासों का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

उन्होंने खेत तालाब योजना के अंतर्गत जिले में टमाटर सहित लाभकारी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, निरामय योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान कानूनगो ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

बैठक में कलेक्टर हर्षल पंचोली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम, अपर कलेक्टर कमलेश पुरी सहित विभिन्न संबंधित विभाग के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

Share this story