सागर: नकली खाद और बीज बेचने वालों पर होगी एफआईआर, कृषि उत्पादन आयुक्त ने कलेक्टर को दिए निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
सागर: नकली खाद और बीज बेचने वालों पर होगी एफआईआर, कृषि उत्पादन आयुक्त ने कलेक्टर को दिए निर्देश


सागर, 22 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उपलब्ध कराने और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता ने सोमवार को सभी जिला कलेक्टरों और कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नकली व अमानक स्तर का खाद और बीज बेचने वाली फर्मों तथा व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए।

यह निर्देश उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सागर एवं जबलपुर संभाग के जिलों में आगामी खरीफ सीजन के लिए कृषि आदानों (Inputs) की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। इस बैठक में एनआईसी सागर से कलेक्टर प्रतिभा पाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जाँच के दौरान जहाँ भी खाद या बीज अमानक पाया जाता है, वहाँ बिना किसी ढिलाई के अनिवार्य रूप से कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स और कृषि अधिकारी पूरी जवाबदेही के साथ मैदानी स्तर पर औचक निरीक्षण करें ताकि नकली उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

बैठक में चालू खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की जिलेवार उपलब्धता की समीक्षा की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि अधिकारी स्वयं गाँवों का दौरा कर किसानों को संतुलित मात्रा में खाद के उपयोग की जानकारी दें। किसानों को बताया जाए कि किस फसल में, किस समय पर और कितनी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता होती है, ताकि लागत कम हो और भूमि की उर्वरा शक्ति बची रहे। नवीन ई-विकास उर्वरक प्रणाली के टोकन समय पर जनरेट हों और फॉर्मर आईडी में सभी खातों को जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को समय पर मिले, इसे शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। आयुक्त ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि लंबित पड़े बीमा प्रकरणों की फाइलें प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं ताकि प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में किसानों को तुरंत राहत राशि मिल सके।

सहकारिता विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए केसी गुप्ता ने कहा कि खरीफ सीजन में फसलों की उत्पादकता बढ़ाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए किसानों को उनकी कृषि आवश्यकताओं के लिए अल्पकालीन ऋण बेहद सहजता और सुगमता से मुहैया कराया जाए। एफआरए पट्टाधारियों (वन अधिकार पट्टा धारकों) को भी प्राथमिकता के आधार पर अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही कालातीत अल्पकालीन ऋणों की वसूली पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय कृषि अधिकारियों को निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

मौसम वैज्ञानिकों द्वारा दी गई कम बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे किसानों को जागरूक करें और उन्हें ऐसी फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित करें जो कम पानी में और कम समय में पककर तैयार हो जाती हैं।

कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त ने सागर संभाग के सभी जिलों में अरहर की 'पूसा' किस्म को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और विस्तार अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को पूसा अरहर की उन्नत खेती के लिए उचित मार्गदर्शन देने को कहा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

Share this story