सीहाेर में पदयात्रा पर निकले दिग्विजय सिंह, मनरेगा श्रमिकों से किया संवाद, मनरेगा का नाम बदलने का विरोध
सीहोर, 05 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साेमवार काे मध्य प्रदेश के सीहाेर से अपनी पदयात्रा का शंखनाद किया। मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में वे सड़कों पर उतरें। दिग्विजय सिंह ने अपनी यात्रा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले सीहोर से शुरू की। सीहाेर काे भाजपा का अजेय किला माना जाता है।
सोमवार सुबह दिग्विजय सिंह पैदल खेरी गांव की गलियों में निकले। उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने पानी, सड़क, जलभराव, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। यह दौरा कांग्रेस के जमीनी स्तर पर संपर्क और संगठन को मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने मनरेगा श्रमिकों से संवाद किया और केंद्र सरकार के नए कानून को लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा। ग्राम खेरी में दिग्विजय सिंह ने मनरेगा मजदूरों से काफी देर तक बातचीत की। संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा मजदूर और किसानों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो नया कानून बनाया है, उसमें गरीबों और मजदूरों का ध्यान नहीं रखा गया है।
पदयात्रा की शुरुआत करते ही दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना देश के राष्ट्रपिता का अपमान है। उन्होंने इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं बल्कि विचारधारा पर हमला बताया। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक गांधी का नाम मनरेगा से दोबारा नहीं जोड़ा जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वे गांव-गांव जाकर मजदूरों से मिल रहे हैं, जॉब कार्ड दिखवाकर उन्हें उनके अधिकारों का पाठ पढ़ा रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए कानून के तहत ज्यादा से ज्यादा काम मिल सके, इसके लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे और मजदूरों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

