विवादित बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी, बोले- हम कृष्ण विरोधी नहीं, राम-कृष्ण एक हैं

WhatsApp Channel Join Now
विवादित बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी, बोले- हम कृष्ण विरोधी नहीं, राम-कृष्ण एक हैं


छतरपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए श्रीराम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था। बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध शुरू होने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सोमवार को वीडियो जारी कर माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भगवान श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं और न ही दोनों आराध्यों के बीच कोई भेद करना चाहते थे।

कथा के दौरान व्यास पीठ से धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की मुद्रा का उल्लेख करते हुए कहा था कि उनके ठाकुर जी टेढ़े-मेढ़े बैठते हैं। उन्होंने मंच पर उनके बैठने और खड़े होने की मुद्रा का भी अभिनय किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े दिखाई देते हैं। उनके पैर एक-दूसरे पर होते हैं, कमर टेढ़ी होती है और वे टेढ़े होकर वंशी बजाते हैं।

इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीराम का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आराध्य सीधे खड़े रहते हैं, उनका नाम सीधा है और वे सीधे चलते भी हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के नाम को भी टेढ़ा बताते हुए धनुष चलाने और बांसुरी बजाने के संदर्भ में परिहास किया।

धीरेंद्र शास्त्री की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। यूजर्स ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करने तथा शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने नया वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की और बयान से किसी की भावनाएं आहत होने पर खेद जताया।

अपने वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्होंने केवल उलाहना दिया था, लेकिन कई लोगों ने उनकी बात का अर्थ का अनर्थ निकाल लिया और अनर्गल बातें कीं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं ठाकुर जी के भक्त हैं, ब्रज में वास करना चाहते हैं और भागवत कथा भी करते हैं। उनका उद्देश्य भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच कोई भेद उत्पन्न करना नहीं था।

उन्होंने कहा कि जिस तरह सखियां भगवान श्रीराम को गारी देकर उलाहना देती हैं, उसी तरह उन्होंने भी परिहास के रूप में उलाहना दिया था। वीडियो को आधा-अधूरा देखकर उन्हें कृष्ण विरोधी घोषित कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम में भी भगवान श्रीकृष्ण का नाम जुड़ा हुआ है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यदि उनकी व्याख्या से किसी को ठेस पहुंची है तो वह विनम्र भाव से क्षमा मांगते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी बात का बतंगड़ न बनाया जाए और न ही उसका गलत अर्थ निकाला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने समाज या भगवान को बांटने की कोशिश नहीं की है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों एक ही हैं और उनके भाव को इसी दृष्टि से समझा जाना चाहिए।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर मथुरा के संतों ने भी नाराजगी जताई थी। दिनेश फलाहारी महाराज ने टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि रावण का भी अहंकार नहीं रहा। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की मांग की थी।

वहीं, साध्वी इंदुलेखा और पंडित राजेश पाठक ने भी बयान पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि ब्रजवासी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे। बयान को लेकर संतों की नाराजगी और सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

771357 Articles

Share this story