देवास: तहसीलदार के सामने आत्मदाह करने वाले व्यापारी की 41 दिन बाद मौत, सर्जरी के लिए दोबारा भर्ती कराया गया था

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देवास: तहसीलदार के सामने आत्मदाह करने वाले व्यापारी की 41 दिन बाद मौत, सर्जरी के लिए दोबारा भर्ती कराया गया था


पत्नी की पहले ही जा चुकी है जान

देवास, 05 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान खुद को आग लगाने वाले व्यापारी संतोष व्यास की गुरुवार को इंदौर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। करीब 41 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। स्वास्थ्य में गंभीर जटिलताओं के चलते उन्हें 2 फरवरी को सर्जरी के लिए दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद भी उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

इस घटना के साथ ही सतवास में करीब डेढ़ माह पहले हुए आत्मदाह कांड का बेहद दुखद अंत हो गया। इससे पहले 11 जनवरी को इलाज के दौरान संतोष व्यास की पत्नी जयश्री व्यास की भी मौत हो चुकी थी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुआ था विवाद

दरअसल घटना बीती 24 दिसंबर 2025 की है। सतवास बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। तत्कालीन तहसीलदार अरविंद दिवाकर जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे थे। संतोष व्यास की बस स्टैंड पर स्टेशनरी और फोटोकॉपी की दुकान थी। इसके अलावा वे एक कॉलोनी में मकान निर्माण भी करवा रहे थे। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि निर्माण कार्य में अतिक्रमण किया गया है, जिस पर कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास की तहसीलदार से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ता चला गया और इसी तनावपूर्ण माहौल में दोनों ने मौके पर ही अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।

गंभीर रूप से झुलसे, पत्नी ने पहले तोड़ा दम

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाकर दंपती को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक दोनों बुरी तरह झुलस चुके थे। जयश्री व्यास करीब 70 प्रतिशत और संतोष व्यास लगभग 40 प्रतिशत तक झुलस गए थे। दोनों का इलाज इंदौर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान 11 जनवरी को जयश्री व्यास की मौत हो गई। पत्नी को खोने के बाद संतोष व्यास मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए थे। परिजनों के मुताबिक, इस सदमे के दौरान उन्हें हार्ट अटैक भी आया था। हालांकि परिवार ने उन्हें संभालने की पूरी कोशिश की और कुछ समय के लिए उनकी हालत स्थिर भी हुई। स्वास्थ्य में फिर से आई गंभीर जटिलताओं के चलते 2 फरवरी को संतोष व्यास को दोबारा सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन गुरुवार सुबह उन्होंने जिंदगी की जंग हार दी। पोस्टमार्टम के बाद संतोष व्यास का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर सतवास लाया जाएगा, जहां दोपहर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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