अनूपपुर: जिला खनिज मद से विकास एवं जनकल्याण के होंगे कार्य -कलेक्टर

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अनूपपुर: जिला खनिज मद से विकास एवं जनकल्याण के होंगे कार्य -कलेक्टर


अनूपपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से उच्च प्राथमिकता एवं अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 11 प्रकार के कार्य चिन्हित किए गए हैं। जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से इन 11 प्रकार के कार्यों का विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण की रोकथाम, नगरीय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि एवं उद्यानिकी तथा शिक्षा से संबंधित कार्य शामिल हैं।

महिला एवं बाल विकास, कुपोषण की रोकथाम, बाल कल्याण, आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए आजीविका सहायता एवं कौशल विकास केंद्र, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता में रखा गया है। शनिवार को कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास मंडल की बैठक में जानकारी दी।

कलेक्टर अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की पंचवर्षीय कार्ययोजना, वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन के अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के उपरांत पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना तथा वार्षिक प्रतिवेदन का अनुमोदन किया गया।

बैठक में विधायक पुष्पराजगढ़ फुंदेलाल सिंह मार्को, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी, वन मंडलाधिकारी डेविड वेंकट राव चनाप, जिले के विभिन्न नगरीय निकायों के अध्यक्ष तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के नगरीय क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने, श्मशान घाटों के जीर्णोद्धार तथा नगरीय क्षेत्रों में गौशालाओं के निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में जिन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं, वहां स्थानीय स्तर पर पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। इसके अंतर्गत मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन सहित अन्य पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जाए। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों की मांग पूरी होने के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार एवं आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होंगे।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में चिन्हित 44 हाट-बाजारों में सब्जी उत्पादन कर स्थानीय हाट बाजार मे विक्रय करने वाले कृषको को जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्थानीय उत्पादकों एवं छोटे व्यवसायियों को बेहतर बाजार सुविधा मिलने के साथ उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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