जल गंगा संवर्धन अभियान में गुणवत्ता के साथ बेहतर मॉडल विकसित करें : कलेक्टर

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जल गंगा संवर्धन अभियान में गुणवत्ता के साथ बेहतर मॉडल विकसित करें : कलेक्टर


मंदसौर, 18 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में कलेक्टर अदिती गर्ग ने जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए बुधवार को हुई संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत सभी कार्य गुणवत्ता के साथ किए जाएं तथा नवाचारपूर्ण मॉडल विकसित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग 2 से 4 ऐसे कार्य स्वयं की योजना बनाकर करें, जो जिले के लिए उदाहरण बन सकें। कलेक्टर ने नगर पालिका को सहेलियों की बावड़ी पर विशेष सफाई एवं विशेष कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाएं बनाकर कार्य करने को कहा। जनपद सीईओ को विभागीय कार्यों की सतत निगरानी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने नलकूप, हैंडपंप, तालाब एवं बावड़ियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, कार्यों की सूची तैयार करने तथा केवल वास्तविक कार्यों की ही आॅनलाइन प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। एसडीएम को जल स्रोतों पर अतिक्रमण हटाने एवं कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया। कलेक्टर ने नगर पालिका को शिवना शुद्धिकरण कार्य युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए। वन विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए बेहतर कार्य करने को कहा। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को कम पानी में फसल उत्पादन, जल चौपाल, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने एवं पौधारोपण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीडब्ल्यूडी एवं पीआईयू विभाग को सभी शासकीय भवनों में शत प्रतिशत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सुनिश्चित करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं पोषण वाटिका विकसित करने, शिक्षा विभाग को विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था, सोखता गड्ढे, मटका व्यवस्था तथा जागरूकता गतिविधियां एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

पीएचई विभाग को जल की गुणवत्ता जांच, नल-जल योजनाओं की पाइपलाइन टेस्टिंग एवं शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा और इसमें सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में जल संरक्षण के प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

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