दिल्ली में कांग्रेसियों का अर्धनग्न प्रदर्शन राष्ट्र का अपमान, कांग्रेस और राहुल गांधी देश से माफी मांगे: हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेसियों के अर्धनग्न प्रदर्शन पर कडी प्रतिकिया व्यक्त की
भाेपाल, 20 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान शुक्रवार काे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और राहुल गांधी के समर्थक किसी न किसी तरीके से देश को अपमानित करने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस के द्वारा दिल्ली में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना, न केवल कांग्रेस बल्कि समूचे देश के लिए शर्म की बात है। इस प्रकार के प्रदर्शन से पूरे राष्ट्र का सिर शर्म से झुका है। जिस समय देश सम्मान पा रहा था, तब कांग्रेस और राहुल गांधी के समर्थक केवल देश को अपमानित करने में लगे हुए थे। कांग्रेस को इस कृत्य के लिए पूरे राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट का आयोजन पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है, जिसमें 100 से अधिक देशों, वैश्विक मल्टीनेशनल कंपनियों के सीईओ और 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों की भागीदारी ने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में भारत की नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की झलक मिली है। जहां एक ओर भारत को वैश्विक मंच पर सम्मान मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जब दुनिया भर से सम्मान प्राप्त करता है, तब कांग्रेस और राहुल गांधी के समर्थक हर बार देश का अपमान करने के लिए कोई न कोई नया कृत्य करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस अर्धनग्न प्रदर्शन और उसके पीछे की घृणित राजनीति के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
वीबी जी-रामजी योजना का विरोध कांग्रेस की संकीर्ण राजनीति का हिस्सा
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की सरकारी योजनाओं और विकास के कार्यों के बजाय सिर्फ विरोध और अपमान की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना मनरेगा से कहीं आगे बढ़कर ग्रामीण विकास और स्थायी रोजगार के लिए एक ठोस कदम है। अब यह योजना नए स्वरूप और नए नाम के साथ लागू की जा रही है, जिसमें ग्रामीणों को सवा सौ दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना का संचालन पंचायत स्तर पर होगा, और निर्णय लेने का अधिकार पंचायतों को दिया जाएगा। कांग्रेस को यह समझने की आवश्यकता है कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर विकास योजनाओं का कार्यान्वयन कर रहे हैं, जो ग्रामीण भारत के भविष्य को बदलने का कार्य करेगी। कांग्रेस के नेता केवल विरोध करते हैं और अपनी संकीर्ण राजनीति को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन कोई ठोस योगदान नहीं करते।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

