अनूपपुर: अंतरराष्ट्रीय मुशायरे में शामिल होंगे दीपक अग्रवाल, रूस, दुबई और कुवैत के शायरों के सामने सुनाएंगे गजल

WhatsApp Channel Join Now
अनूपपुर: अंतरराष्ट्रीय मुशायरे में शामिल होंगे दीपक अग्रवाल, रूस, दुबई और कुवैत के शायरों के सामने सुनाएंगे गजल


अनूपपुर: अंतरराष्ट्रीय मुशायरे में शामिल होंगे दीपक अग्रवाल, रूस, दुबई और कुवैत के शायरों के सामने सुनाएंगे गजल


अनूपपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के चर्चित शायर दीपक अग्रवाल को हैदराबाद के मशहूर रवींद्र भारती थिएटर में 1 अक्टूबर को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का न्योता मिला है। हैदराबाद की 'अंजुमन मोहब्बान-ए-उर्दू, तेलंगाना' संस्था सैयद मिस्कीन अहमद के मार्गदर्शन में हर साल 'पयाम-ए-अम्न' नाम से यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम आयोजित करती है।

दीपक अग्रवाल पिछले 15 सालों से राष्ट्रीय मंचों पर अपनी आसान, असरदार और संवेदनशील शायरी के लिए पहचाने जाते हैं। साल 2024 में मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से अर्शिया पब्लिकेशन से प्रकाशित उनका उर्दू गजल संग्रह ‘रेत पर कश्तियां’ काफी चर्चित रहा है, जिससे उर्दू अदब में उन्हें खास पहचान मिली है।

देश-विदेश के दिग्गज शायर होंगे शामिल इस अंतरराष्ट्रीय मुशायरे में भारत के अलावा विदेशों से भी नामचीन शायर शिरकत करेंगे। विदेश से रूस से डॉ. श्वेता सिंह ‘उमा’, दुबई से डॉ. ज़ुबैर फारूक अल अर्शी, कुवैत से मो. अली ‘वफ़ा’ और नाजनीन ‘नाज़’। भारत से सरदार चरन सिंह ‘बशर’, नई दिल्ली से शाहिद अंजुम, आगरा से अनवर अमान, पुणे से असलम चिश्ती, कर्नाटक से रफीक सौदागर, मुंबई से अहमद फैजाबादी और सिद्धार्थ शांडिल्य जैसे दिग्गज मंच साझा करेंगे।

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले दीपक अग्रवाल पिछले डेढ़ दशक से लगातार राष्ट्रीय स्तर के मुशायरों और कवि सम्मेलनों में अपनी शायरी का जलवा बिखेर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने देश के लगभग सभी शीर्ष शायरों और कवियों के साथ विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर काव्य पाठ किया है। उनकी शायरी की खास पहचान संवेदनशील विषयों, सामाजिक सरोकारों और सहज एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए बनी है। राष्ट्रीय मंचों पर लगातार सक्रियता ने उन्हें अनूपपुर ही नहीं, बल्कि देश के उभरते हुए महत्वपूर्ण शायरों में स्थान दिलाया है।

उर्दू ग़ज़ल संग्रह ‘रेत पर कश्तियां’ हो चुका है प्रकाशित

दीपक अग्रवाल की साहित्यिक उपलब्धियों में वर्ष 2024 में प्रकाशित उनका उर्दू ग़ज़ल संग्रह ‘रेत पर कश्तियां’ विशेष रूप से उल्लेखनीय है। मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से अर्शिया पब्लिकेशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित इस संग्रह ने उन्हें उर्दू अदब के पाठकों के बीच एक अलग पहचान दिलाई और उनकी लोकप्रियता में उल्लेखनीय इज़ाफा किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

Share this story