मंदसौरः जलकार्य समिति का निर्णय, 25 जून से पेयजल वितरण समय में 15 मिनट की कटौती
मंदसौर, 22 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर नगरपालिका जलकार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को नपा कार्यालय मंदसौर में नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था, जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता और आगामी दिनों में जल वितरण को सुचारू बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में जलकार्य समिति सभापति निलेश जैन, समिति सदस्य, नपा कार्यपालन यंत्री पीएस धारवे, जलकार्य लिपिक मो. शाहिद सहित नगरपालिका के लाइनमैन मौजूद रहे। नपा कर्मचारियों ने बैठक में रामघाट, कालाभाटा बांध सहित अन्य जल स्रोतों में उपलब्ध पानी की स्थिति से अधिकारियों और समिति सदस्यों को अवगत कराया।
कर्मचारियों ने बताया कि चंबल परियोजना से नगरपालिका को प्रतिदिन 18 एमएलडी पानी पाइपलाइन के माध्यम से मिल रहा है, जबकि शहर में वर्तमान व्यवस्था के अनुसार रोजाना करीब 28 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। शेष पानी की पूर्ति नगरपालिका रामघाट और कालाभाटा बांध से कर रही है। बताया गया कि मोरवनी दोह, जो शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर शिवना नदी क्षेत्र में स्थित है, वहां से करीब 10 दिन के पेयजल वितरण के लिए पर्याप्त पानी कालाभाटा बांध की ओर लाया गया है। इसके अलावा शिवना नदी से मोटरों के माध्यम से पानी रामघाट की ओर भी पहुंचाया जा रहा है, ताकि जलस्तर बनाए रखा जा सके। वर्तमान में कालाभाटा बांध में करीब 1 इंच जलस्तर उपलब्ध है।
बैठक में चर्चा के बाद जलकार्य समिति ने निर्णय लिया कि मानसून में देरी और जल स्रोतों में पानी की कम उपलब्धता को देखते हुए 25 जून से पेयजल वितरण समय में 15 मिनट की कटौती की जाएगी। समिति का कहना है कि कटौती से बचने वाले पानी का उपयोग आने वाले दिनों में जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में किया जाएगा।
नपाध्यक्ष श्रीमती गुर्जर और सभापति निलेश जैन ने कर्मचारियों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। बैठक में समिति सदस्यों ने जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था को लेकर कई सुझाव भी दिए।
इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पेयजल वितरण के समय नगरपालिका के लाइनमैन पूरे क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। यदि किसी स्थान पर पेयजल पाइपलाइन से सीधे मोटर लगाने की शिकायत मिलती है तो ऐसी मोटरों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

