दतिया में एक-दो रुपये के सिक्कों का चलन घटा, दुकानदार और ग्राहक दोनों हो रहे परेशान

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दतिया में एक-दो रुपये के सिक्कों का चलन घटा, दुकानदार और ग्राहक दोनों हो रहे परेशान


दतिया, 4 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक और दो रुपये के सिक्कों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई दुकानदार इन सिक्कों को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं, जिसके कारण छोटे लेन-देन में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कम कीमत वाली वस्तुएं खरीदने के लिए भी लोगों को अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है।

स्थानीय बाजारों में दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से सिक्कों पर रोक नहीं लगाई है, बल्कि उन्हें भी आगे भुगतान के समय यही समस्या झेलनी पड़ती है। उनका तर्क है कि थोक व्यापारियों और अन्य कारोबारियों द्वारा एक और दो रुपये के सिक्के लेने से इनकार किए जाने के कारण उनके पास बड़ी मात्रा में सिक्के जमा हो जाते हैं, जिनका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।

व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक अक्सर छोटे भुगतान सिक्कों में करते हैं, लेकिन जब उन्हें बाकी राशि सिक्कों में लौटाई जाती है तो कई लोग लेने से मना कर देते हैं। इससे रोजमर्रा के लेन-देन में असुविधा बढ़ रही है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और दो रुपये के सिक्कों को बंद नहीं किया है और ये अब भी वैध मुद्रा हैं। इसके बावजूद जिले के कई बाजारों में इनका व्यवहारिक उपयोग लगातार कम होता दिखाई दे रहा है। इससे ग्राहकों और दुकानदारों के बीच कई बार विवाद की स्थिति भी बन रही है।

कुछ व्यापारियों का यह भी कहना है कि बैंक शाखाओं में बड़ी मात्रा में सिक्के जमा कराने में कठिनाई होती है। उनका दावा है कि इसी वजह से वे छोटे मूल्य के सिक्के लेने से बच रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में बैंकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि वैध मुद्रा होने के बावजूद छोटे मूल्य के सिक्कों का प्रचलन इसी तरह घटता रहा तो दैनिक लेन-देन की समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों को स्थिति स्पष्ट कर सिक्कों के सुचारु उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार/संतोष तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

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