अनूपपुर: आसमान में छाए काले बादल, से बढ़ी ठंडक, अमरकंटक में बारिश ने भिगोया

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अनूपपुर: आसमान में छाए काले बादल, से बढ़ी ठंडक, अमरकंटक में बारिश ने भिगोया


अनूपपुर: आसमान में छाए काले बादल, से बढ़ी ठंडक, अमरकंटक में बारिश ने भिगोया


अनूपपुर, 04 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में दो दिनों से हेमंत ऋतु के दौरान मौसम ने एक बार फिर करवट ली। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से लगातार दूसरे दिन भी अनूपपुर सहित आसपास नगरो में बादलो ने डेरा जमाये हुए हैं।

प्रदेश की प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक नगरी अमरकंटक में बुधवार शाम को भी झमाझम वर्षा से संपूर्ण क्षेत्र में ठंडक और ताजगी घुल गई। जिससे ठंड का असर भी कमजोर पड़ता दिख रहा है। वर्षा के साथ गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सड़क किनारे स्थित लगभग 50 फीट ऊंचा चीड-पाइन का पेड़ छतिग्रस्त होकर गिर गया।

पवित्र नगरी अमरकंटक में दिनभर आसमान में घने काले बादल घटा-चौकड़ी मचाते रहे। सूर्य और बादलों के बीच आंख-मिचौली का खेल चलता रहा, ठंडी-ठंडी हवाओं ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया। शाम को आसमान पूरी तरह बादलों से ढक गया और इसके बाद कभी रुक-रुक कर तो कभी तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। परिणामस्वरूप वर्षा से सराबोर हो गई। तेज वर्षा के चलते नगर के बाजारों और मार्गों पानी से तरबतर दिखाई देने लगा। ज्ञात हो कि इससे एक दिन पूर्व भी संध्याकाल अच्छी खासी वर्षा हुई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक रही। यह वर्षा आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी होने से किसानों के लिए अमृत की बूंदों के समान मानी जा रही है। फसलों के लिहाज से यह बारिश लाभकारी बताई जा रही है, जिससे किसान खासे प्रसन्न हैं।

आकाशीय बिजली से पेड़ हुआ क्षत-विक्षत

बारिशके साथ गरज-चमक के दौरान अमरकंटक-शहडोल मार्ग स्थित लगभग 50 फीट ऊंचा चीड-पाइन का पेड़ आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पूरी तरह छत-विक्षत हो गया। वन विभाग का कर्मचारी एवं स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने आज तक इस तरह आकाशीय बिजली से किसी वृक्ष को इस हालत में टूटते नहीं देखा था। यदि उसी समय वहां से कोई दोपहिया, चारपहिया वाहन या राहगीर गुजर रहा होता, तो एक भीषण दुर्घटना घटित हो सकती थी।

रबी फसलों के लिए बारिश फायदेमंद

उप संचालक कृषि वर्षा त्रिपाठी ने बताया कि यह हल्की बारिश रबी फसलों के लिए लाभदायक है। खेतों में अभी गेहूं, चना, मसूर, मटर और अन्य रबी फसलें लगी हैं, जिनके पकने का समय अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस बारिश से मिट्टी में नमी बनी रहेगी और इससे फसलों की बढ़ोतरी में मदद मिलेगी।

13 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान

अधिकारियों के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 93100 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई हुई है, जिसमें गेहूं, चना, मसूर, अलसी और तिलहन शामिल हैं। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम लगभग 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे मौसम में नमी और ठंडक का अनुभव हुआ। यह हल्की बूंदाबांदी किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जिसका असर रबी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर सकारात्मक रूप से पड़ने की उम्मीद की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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