दमोहः राशन की 120 दुकानों पर छापेमारी, 1581 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी उजागर

WhatsApp Channel Join Now
दमोहः राशन की 120 दुकानों पर छापेमारी, 1581 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी उजागर


दमोहः राशन की 120 दुकानों पर छापेमारी, 1581 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी उजागर


दमोहः राशन की 120 दुकानों पर छापेमारी, 1581 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी उजागर


दमोह, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राशन वितरण में हो रही अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई की।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर जिलेभर की 120 राशन दुकानों पर एक साथ आकस्मिक निरीक्षण कराया गया। इस कार्रवाई के लिए 120 अलग-अलग जांच दल गठित किए गए, जिन्होंने एक ही समय पर विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर राशन दुकानों के स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच की।

जनसुनवाई, सोशल मीडिया और आम नागरिकों से लगातार प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 120 में से 44 राशन दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान कुल 1581 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी उजागर हुई, जिसके बाद प्रशासन ने संबंधित राशन दुकान संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि जिन राशन दुकानों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके संचालकों को आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश के तहत नोटिस जारी कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर और पूरी मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान 37 राशन दुकानों में 10 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न की कमी पाई गई। प्रमुख मामलों में मड़ियादो क्रमांक-2 में 185 क्विंटल गेहूं और 8 क्विंटल चावल, मोहरा में 140 क्विंटल गेहूं और 32 क्विंटल चावल, लरगुवां में 87 क्विंटल गेहूं और 27 क्विंटल चावल, सेवा सभा आंजनी में 63 क्विंटल गेहूं और 4 क्विंटल चावल, सहजपुर में 62 क्विंटल गेहूं और 15 क्विंटल चावल, सेवा सभा पोड़ी मानगढ़ में 56 क्विंटल गेहूं और 8 क्विंटल चावल, फुटेरा कला क्रमांक-1 में 45 क्विंटल गेहूं और 35 क्विंटल चावल, सुनकड़ में 42 क्विंटल गेहूं और 10 क्विंटल चावल, मराहार में 40 क्विंटल गेहूं और 10 क्विंटल चावल, किल्लाई में 33 क्विंटल गेहूं और 4 क्विंटल चावल तथा सतपारा में 32 क्विंटल गेहूं और 32 क्विंटल चावल का अंतर पाया गया। इसके अलावा अन्य कई दुकानों में भी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में गंभीर अंतर मिला।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि शासन की ऑनलाइन व्यवस्था के तहत प्रत्येक राशन दुकान का स्टॉक पीओएस मशीन में दर्ज रहता है। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन में उपलब्ध रिकॉर्ड का मौके पर मौजूद खाद्यान्न से मिलान किया गया। जहां भी दोनों में अंतर पाया गया, वहां उसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था के कारण अब राशन की हेराफेरी को आसानी से पकड़ा जा सकता है और भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

कलेक्टर ने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी भी राशन दुकान पर कम मात्रा में खाद्यान्न दिया जाए, राशन वितरण में अनियमितता हो, दुकान समय पर न खुले या किसी प्रकार की शिकायत हो तो इसकी जानकारी जनसुनवाई, जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर टिप्पणी अथवा अधिकारियों के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अवश्य दें। प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा करने और राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह बनाने के लिए आगे भी इसी प्रकार के औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

Share this story