दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ, आपसी सहमति से प्रकरणों के निराकरण पर जोर

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दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ, आपसी सहमति से प्रकरणों के निराकरण पर जोर


दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ, आपसी सहमति से प्रकरणों के निराकरण पर जोर


दमोह, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में भी शनिवार को न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सोलंकी ने मां वीणापाणी का पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलित कर नेशनल लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया।

शुभारंभ अवसर पर विशेष न्यायाधीश एवं नेशनल लोक अदालत के प्रभारी अधिकारी उदय सिंह मरावी, जिला न्यायाधीश संतोष कुमार गुप्ता, पंकज कुमार गुप्ता, विश्वनाथ शर्मा, अमर गोयल, धर्मेश भट्ट, पंकज शर्मा, अनुराग सिंह कुशवाहा, स्नेहा सिंह, आज्ञा अग्रवाल, पलक सिंघई दिवाकर, उत्कर्ष दिवाकर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव उषाकांता कृषाण, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया तथा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मुकेश पाण्डे सहित न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आज 12 सितंबर को जिला दमोह एवं तहसील न्यायालय हटा, पथरिया तथा तेंदूखेड़ा में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इसमें न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों का पक्षकारों की आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही विद्युत चोरी से संबंधित प्रकरणों तथा नगरपालिका के जलकर एवं संपत्ति कर से जुड़े प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण का भी अवसर उपलब्ध कराया गया है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के संबंध में आमजन को जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। न्यायालय परिसर से वाहनों के माध्यम से बैनर एवं जिंगल के जरिए शहर के प्रमुख एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों को लोक अदालत की जानकारी दी गई।

अस्पताल चौराहा, घंटाघर, बस स्टैंड, तीन गुल्ली, सागर नाका, स्टेशन चौराहा एवं रेलवे स्टेशन सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रचार किया गया। नगरपालिका एवं विद्युत विभाग द्वारा संबंधित प्रकरणों में उपलब्ध छूट की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग भी लगाए गए हैं।

सुभाष सोलंकी ने न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं से अपील की कि नेशनल लोक अदालत को जनहित के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में लेते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का आपसी सहमति से समाधान होने पर पक्षकारों को लंबी मुकदमेबाजी से राहत मिलती है तथा समय और धन की बचत होती है।

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मुकेश पाण्डे ने नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में अधिवक्ताओं की ओर से सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

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