दमोह: कलेक्टर के औचक निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं, पंचायत सचिव और कर्मचारी निलंबित
दमोह, 29 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शनिवा को जिले के ग्राम मोठा और फुटेरा कलां का औचक निरीक्षण कर शासकीय संस्थानों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान लापरवाही और अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान पंचायत सचिव और एक शासकीय कर्मचारी को निलंबित किया गया, जबकि आंगनबाड़ी तथा निर्माणाधीन लैब से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सबसे पहले ग्राम मोठा पहुंचकर प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
इसके बाद कलेक्टर फुटेरा कलां पहुंचे। यहां पंचायत सचिव के संबंध में शिकायत सामने आने पर उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। शिकायत और मौके की स्थिति की जानकारी लेने के बाद कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत को पंचायत सचिव के तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को शासकीय योजनाओं और पंचायत स्तर के कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फुटेरा कलां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिया जाने वाला भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
इसके बाद कलेक्टर ने उच्चतर माध्यमिक शाला फुटेरा कलां का निरीक्षण किया। यहां निर्माणाधीन लैब के कार्य का भी उन्होंने जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लैब का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य कराने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी भी अनुपस्थित पाया गया। कर्मचारी की अनुपस्थिति को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और कर्मचारी को प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासकीय संस्थानों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि आमजन और बच्चों से जुड़ी शासकीय सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों का तत्काल निराकरण कराया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

