दमोह: जनसुनवाई में एक्शन, लापरवाह सचिव-पटवारी निलंबित, आरआई-तहसीलदार को नोटिस
दमोह, 05 मई (हि.स.) मध्य प्रदेश के दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शिकायतों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास योजना में अनियमितता पर सचिव और राजस्व प्रकरण में लापरवाही पर पटवारी निलंबित, जबकि एक मामले में आरआई और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याओं को सुना गया। इस दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, सीमांकन, पंचायत स्तर की अनियमितताएं, नगरीय समस्याएं, आवास योजना, राजस्व प्रकरण तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रत्येक आवेदन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में कुल 223 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सर्वाधिक आवेदन राजस्व विभाग, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई केवल आवेदन लेने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोगों को समय पर न्याय दिलाने का माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों में व्यक्तिगत रुचि लेकर निराकरण सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत कुमारी जनपद पटेरा से पहुंची एक वृद्ध महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि आवास स्वीकृति के नाम पर उससे राशि ली गई और बाद में उसे गुमराह किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने तत्कालीन पंचायत सचिव विजय खंपरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार तहसील पटेरा के एक आवेदक ने सीमांकन, नक्शा एवं तरमीम कार्य लंबित रहने की शिकायत प्रस्तुत की। जांच में सामने आया कि संबंधित हल्का पटवारी श्रीमती प्रिया श्रीवास्तव द्वारा बिना वास्तविक निराकरण किए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत बंद कर दी गई थी। इस पर कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया।
एक अन्य राजस्व प्रकरण में दमयंती नगर क्षेत्र के आवेदक ने शिकायत की कि उसकी बात सुने बिना ही शिकायत का पोर्टल पर निराकरण दर्ज कर दिया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में नगर दंडाधिकारी श्रीमती मीना मसराम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, डिप्टी कलेक्टर आर.एल. बागरी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभागवार आवेदनों की सुनवाई कर आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कराई।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी एसडीएम, सीएमओ, तहसीलदार, जनपद सीईओ और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक आने के लिए विवश न किया जाए। तहसील, जनपद और अनुभाग स्तर पर ही शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि अपनी शिकायतें पहले स्थानीय स्तर पर दर्ज कराएं, वहां निराकरण न होने की स्थिति में ही जिला मुख्यालय आएं। प्रशासन हर शिकायत के समाधान के लिए गंभीर है और लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
यदि चाहें तो मैं इसका एक दूसरा बिल्कुल अलग एंगल वाला एजेंसी समाचार भी बना सकता हूँ, जिसमें फोकस “जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त प्रशासनिक संदेश” पर होगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

