अनूपपुर: बैगलेस डे पर पारंपरिक मिट्टी कला से विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक अनुभव

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अनूपपुर: बैगलेस डे पर पारंपरिक मिट्टी कला से विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक अनुभव


अनूपपुर: बैगलेस डे पर पारंपरिक मिट्टी कला से विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक अनुभव


अनूपपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए बैगलेस डे का रचनात्मक आयोजन सोमवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय अध्ययन के बोझ से कुछ समय के लिए मुक्त कर उनके भीतर छिपी रचनात्मकता, कौशल एवं पारंपरिक कलाओं के प्रति रुचि को जागृत करना रहा।

बैगलेस डे के अंतर्गत आमंत्रित प्रसिद्ध कुम्हार एवं पारंपरिक शिल्पकार गोविंद प्रजापति द्वारा पारंपरिक चाक एवं मिट्टी कला का सजीव प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मिट्टी से कलश, गमले, बर्तन, शंख तथा आकर्षक मूर्तियाँ बनाकर विद्यार्थियों को न केवल इस कला की प्रक्रिया समझाई, बल्कि स्वयं प्रयोग कर सीखने का अवसर भी प्रदान किया। विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ इस पारंपरिक हुनर को देखा और इसे आत्मसात किया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि पारंपरिक शिल्प एवं उद्यम आज के समय में आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकते हैं और इनसे रोजगार के अनेक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इस व्यावहारिक जानकारी से छात्र-छात्राओं में स्वदेशी कला एवं स्वरोजगार के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती दिखाई दी। कार्यक्रम में राजीव कुमार झा द्वारा मिट्टी से निर्मित शंख बजाकर प्रस्तुत की गई, जो मधुर ध्वनि विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी।

आयोजन में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डी. एस. सेंगर,संगीत शिक्षक शेख वहीद, एम. एल. कोरी, रमेश कुमार सिंह एवं मनोरमा कौशल सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। बैगलेस डे जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों को न केवल मानसिक स्फूर्ति मिलती है, बल्कि उनके व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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