अनूपपुर: कांग्रेस ने छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध में दिया धरना, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
अनूपपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला में कांग्रेस ने शुक्रवार को कोतमा नगर के गांधी चौक पर पेपर लीक की घटनाओं से आहत छात्रों की मौत, और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं युवाओं के साथ हुई कथित बर्बरता व अभद्रता के विरोध में प्रदर्शन जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व किया गया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, जनपद सदस्य रेखा राठौर, जिला कांग्रेस कोषाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पंचायती राज संगठन जिला अध्यक्ष संध्या वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा और युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मो.नदीम ने संबोधित किया।
विरोध प्रदर्शन के बाद, जिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी कोतमा को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों, विपक्षी नेताओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ हुई घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों एवं भारतीय संविधान की भावना के प्रतिकूल हैं।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं एवं छात्रों के साथ की गई दमनात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। पार्टी का कहना था कि छात्र एवं युवा अपने भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे, किन्तु उनके साथ किया गया व्यवहार निंदनीय एवं अस्वीकार्य है।
ज्ञापन में जोर दिया गया कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात है। ऐसी घटनाओं से देश के युवाओं में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न होता है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास कमजोर पड़ता है। मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लिया जाए अथवा उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए। दूसरी मांग है कि परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं एवं व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में तत्काल चर्चा कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तीसरी मांग है कि नई दिल्ली में छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर एवं आपराधिक प्रकरण तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

