भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने छोड़ा वाटर कैनन

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भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने छोड़ा वाटर कैनन


भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने छोड़ा वाटर कैनन


भोपाल में एसआईआर के विरोध में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने छोड़ा वाटर कैनन


- प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

भोपाल, 28 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय का घेराव करने निकले, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की और स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

दरअसल, कांग्रेस के इस प्रदर्शन की वजह एक निजी मीडिया संस्थान की वह रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनावी सूची और एसआईआर से जुड़े फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट में फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची के डेटाबेस और चुनाव आयोग की आईटी व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर आपत्तियों का उल्लेख किया गया था।

हालांकि चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट के बाद स्पष्ट किया था कि एसआईआर समेत आयोग के फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से हुए। आयोग ने यह भी कहा कि कार्यप्रणाली के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर राय सामने आना अलग बात है, लेकिन फैसले सामूहिक रूप से लिए गए।

इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करने निकले। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक रूप से वेश धारण किए एक कार्यकर्ता को जंजीरों में बांधकर भी विरोध जताया गया।

प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने और जंजीरों में जकड़े एक कार्यकर्ता को जीतू पटवारी और उमंग सिंघार जंजीरों से पकड़कर ले जाते नजर आए। कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी ने ज्ञानेश कुमार के वेश में प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति को पकड़कर ले जाते हुए कहा, “ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर वोट चोरी की है। इनको हम पकड़कर थाने ले जा रहे हैं।” प्रदर्शनकारियों ने इसी दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

सीईओ कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। कुछ लोग बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने बस की खिड़की के शीशे के ऊपर से छत पर चढ़ने की कोशिश भी की।

तराना विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि वोट चोरी के कारण वे उज्जैन महापौर का चुनाव जीते थे। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें फांसी देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम से चुनाव हुए तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी ने पहले ही 28 सितंबर को भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के घेराव और इसके बाद पूरे प्रदेश में जिला कलेक्टर कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया था।

सीईओ कार्यालय के घेराव से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के सामने सभा हुई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो, मुकेश नायक, रवि जोशी, संजय कामले, विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, शोभा ओझा, विक्की पटेल और जेपी धनोपिया समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभा में कांग्रेस नेताओं ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के प्रकोष्ठ की तरह काम कर रहा है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव का भी आरोप लगाया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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