शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, जीतू पटवारी बोले— “विकसित मध्य प्रदेश” के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
भाेपाल, 19 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और छात्राओं की सुरक्षा एवं गरिमा से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है, जबकि सरकार प्रचार और इवेंट आधारित राजनीति में अधिक व्यस्त दिखाई दे रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार काे मीडिया काे जारी अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा सरकार “विकसित मध्यप्रदेश” की छवि प्रस्तुत कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उनके अनुसार प्रदेश के कई सरकारी स्कूल आज भी शिक्षकों की कमी, अधूरी सुविधाओं और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है।
छात्राओं के लिए शौचालय नहीं होने पर जताई चिंता
पटवारी ने हाल ही में सामने आए आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के 788 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने इसे छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण हेतु जारी बजट का कई स्थानों पर सही उपयोग नहीं हुआ। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर राशि अन्य कार्यों में खर्च कर दी गई, जिसके कारण छात्राओं को अब भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अशोकनगर, राजगढ़ सहित अन्य जिलों से सामने आई स्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई विद्यालयों में छात्राओं को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां सरकारी दावों और जमीनी वास्तविकता के बीच अंतर को दर्शाती हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए कई सवाल
पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल एकल शिक्षक व्यवस्था पर चल रहे हैं और शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। उन्होंने दावा किया कि कई स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर और आधुनिक शिक्षण संसाधनों की भी कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या चिंता का विषय है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहे हैं।
“सांदीपनि विद्यालय” अभियान पर भी टिप्पणी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार के “सांदीपनि विद्यालय” अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि प्रदेश के कितने सरकारी स्कूलों में आज भी बिजली, पानी, शौचालय और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि शिक्षा के बुनियादी मुद्दों के समाधान के बजाय सरकार प्रचार अभियानों पर अधिक ध्यान दे रही है।
सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग
जीतू पटवारी ने राज्य सरकार से शिक्षा व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को सार्वजनिक रूप से यह जानकारी देनी चाहिए कि—
प्रदेश में शिक्षकों के कितने पद रिक्त हैं।
कितने स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं हैं।
कितने विद्यालय बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
शिक्षा बजट का उपयोग किन कार्यों में किया गया।
शौचालय निर्माण में अनियमितताओं की जांच के लिए क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों और छात्राओं को बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पर्याप्त शिक्षक और सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

