अनूपपुर: फ्लाईओवर निर्माण में कलेक्टर की अंतिम चेतावनी: ठेकेदार को 10 अप्रैल तक निर्माण में लाये गति
अनूपपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में करीब 20 करोड़ की लागत से बन रहे रेलवे फ्लाईओवर निर्माण में देरी पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शनिवार को सख्ती दिखाते हुए निर्माण एजेंसी 'श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी' को एक सप्ताह की अंतिम चेतावनी दी है। यदि 10 अप्रैल तक निर्माण कार्य की गति में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और आवंटित राशि पर 6 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
सेतु निगम शहडोल के एसडीओ प्रदीप सिंह बघेल ने बताया कि ठेकेदार ने लिखित आश्वासन दिया था कि रेलवे सीमा में गार्डर लॉन्चिंग के पांच महीने के भीतर शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। रेलवे ने 14 जनवरी को ही अपना काम पूरा कर लिया था, जिसके आधार पर जून अंत तक ब्रिज शुरू होना था। वहीं ठेकेदार की सुस्ती के कारण अभी तक इंदिरा तिराहा क्षेत्र में रिटेनिंग वॉल तक खड़ी नहीं की गई है, जिससे वर्षा ऋतु से पहले काम पूरा होने पर संशय बना हुआ है।
अधूरे मिट्टी फिलिंग और रिटेनिंग वॉल पर जताई नाराजगी
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कोतवाली तिराहे की ओर रिटेनिंग वॉल तो बनाई गई है, लेकिन उसमें मिट्टी भरने का काम अभी भी अधूरा है। बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जनहित के इस प्रोजेक्ट में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
8 वर्षों से ब्रिज का इंतजार कर रहे नगरवासी
पिछले आठ साल से निर्माणाधीन इस फ्लाईओवर के कारण स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासियों ने पूर्व में भी इसके विरोध में प्रदर्शन किए थे, जिसके बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है।
फिलहाल क्षेत्र की जनता की निगाहें 10 अप्रैल की समयसीमा पर टिकी हैं, वहीं ठेकेदार प्रशासनिक आदेशों के बाद भी कार्यस्थल पर अपेक्षित मशीनरी और मैनपावर नहीं बढ़ा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

