विकास का रहस महोत्सव: गढ़ाकोटा में 196 करोड़ की सौगात, रहली को फ्लाईओवर और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की मंजूरी
सागर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा में 217 वर्ष पुराने ऐतिहासिक रहस लोकोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ किया। गणेश पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड की वीर भूमि को नमन करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की वीरता और संस्कृति का 'रहस्य' है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में किसानों के कल्याण हेतु 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है।
• कृषि कल्याण वर्ष: वर्ष 2026 को 'कृषि कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है।
• सिंचाई का संकल्प: सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुँचाना और सिंचाई रकबे में ऐतिहासिक वृद्धि करना है।
• फूड पार्क: प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए फूड पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय विकास को गति देते हुए मुख्यमंत्री ने रहली और गढ़ाकोटा के लिए अधोसंरचना विकास की झड़ी लगा दी:
• फ्लाईओवर निर्माण: खेजरा-शाहपुर-मोकलपुर फ्लाईओवर को मंजूरी।
• मंडी उन्नयन: रहली और गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडियों के लिए 5-5 करोड़ रुपये तथा शाहपुर उपमंडी के लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत।
• सड़क चौड़ीकरण: रहली-रमखरिया-सिमरिया-बहेरिया मार्ग (22 किमी) के उन्नयन की घोषणा।
• स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: स्थानीय खिलाड़ियों के लिए आधुनिक स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण।
• शिक्षा विस्तार: ढाना शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य (Commerce) और इतिहास विषयों को मंजूरी।
शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में 'यशोदा योजना' की शुरुआत करते हुए सीएम ने बताया कि अब कक्षा 1 से 8वीं तक के सरकारी स्कूली बच्चों को पौष्टिक टैट्रा पैक दूध दिया जाएगा। इसके साथ ही मेधावी छात्रों को स्कूटी, साइकिल और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं निरंतर मिलती रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण बुंदेलखंड के लाखों परिवारों की रीढ़ है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एक कमेटी बनाने का सुझाव दिया जो इन श्रमिकों के उत्थान के लिए ठोस निर्णय ले सके, जिस पर सरकार तत्काल अमल करेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बटन दबाकर प्रदेश के 32.78 लाख पेंशनभोगियों के खातों में 196.72 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। अकेले सागर जिले के 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को 12.03 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
पूर्व मंत्री और विधायक गोपाल भार्गव ने बताया कि यह मेला सन 1809 में राजा मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण की स्मृति में शुरू हुआ था। ब्रिटिश काल में यह मेला क्रांतिकारियों का गुप्त अड्डा हुआ करता था, जहाँ पशु मेले के बहाने राजा अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध की रणनीतियां बनाते थे। इसी रणनीतिक गोपनीयता के कारण इसका नाम 'रहस' (रहस्य) पड़ा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

