भारतीय संस्कृति में सिर्फ पर्यटन नहीं, तीर्थाटन की भावना महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में किया दीपदान
- महाकाल लोक की तरह ओरछा में रामराजा लोक और चित्रकूट का वनवासी राम लोक होगा निर्माण
भोपाल, 07 नवम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां अन्य देशों में पर्यटन की दृष्टि से ही विभिन्न स्थानों का विकास होता है, वहीं हमारे देश में नागरिकों के लिए तीर्थाटन की दृष्टि से धार्मिक महत्व के स्थानों के समग्र विकास पर ध्यान दिया जाता है। भारतीय संस्कृति की यही विशेषता है कि ऐसे स्थानों पर आने से सभी के मनोभाव पावन हो जाते हैं। चित्रकूट क्षेत्र का विकास भी इसी अवधारणा पर केंद्रित है। उज्जैन के महाकाल लोक की तरह ओरछा में राम राजा लोक और चित्रकूट में भव्य वनवासी राम लोक का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीपावली पर्व के अवसर पर शनिवार को भगवान श्री राम की तपोभूमि सतना जिले के चित्रकूट पहुंचकर पवित्र मंदाकिनी नदी में दीपदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश और देश के नागरिकों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां मंदाकिनी की पूजा अर्चना की और चित्रकूट धाम के संतों का शाल, श्रीफल और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया।
चित्रकूट धाम से गुप्त गोदावरी तक फोरलेन सड़क निर्माण का भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट धाम से गुप्त गोदावरी तक फोरलेन सड़क निर्माण का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह सड़क श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा को सुगम बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बच्चों को दीपावली के उपहार प्रदान किए। समारोह के उपरांत मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए पीपा पुल का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज रूप चौदस का पावन दिन है। हम सब दीपावली का पर्व हर्ष और उल्लास से मना रहे हैं। हमारे पर्व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की पहचान हैं। मध्यप्रदेश सरकार चित्रकूट सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सर्वांगीण विकास कर रही है । उज्जैन के महाकाल लोक की तरह ओरछा में राम राजा लोक और चित्रकूट में भव्य वनवासी राम लोक का निर्माण किया जाएगा। चित्रकूट में भगवान राम ने अपने वनवास काल के 11 वर्ष से अधिक का समय बिताया। यह भगवान राम की तपोभूमि है। भगवान श्री कृष्ण ने मध्यप्रदेश के ही उज्जैन में गुरु ज्ञान प्राप्त किया। ओंकारेश्वर में जगतगुरु शंकराचार्य जी को उनके गुरु मिले और उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। इस नाते मध्यप्रदेश भारत के प्राचीन युग में हुई प्रमुख घटनाओं और गौरवशाली व्यक्तित्वों की शिक्षा और कर्मभूमि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कामतानाथ भगवान के दर्शन और पूजा अर्चना की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट धाम में दीपावली के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय दीपोत्सव मेला में शामिल होकर मां मंदाकिनी नदी के पंचवटी घाट पर दीपदान किया। दीपावली में चित्रकूट में लाखों श्रद्धालु दीपदान कर रहे है। मुख्यमंत्री ने भगवान कामतानाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं को मिठाई बांटी और शुभकामनायें दी। यहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता और सरलता के साथ सडक के किनारे लगाई गई चाय की दुकान पर पहुंचकर कुल्हड़ वाली चाय पी और श्रद्धालुओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सड़क के किनारे दीपदान के लिए दीपक बेचने वाले बच्चों से स्नेह के साथ बातचीत की और दीपक खरीदें। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और आकस्मिक चिकित्सा के लिए बनाये गये स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया।
इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, म.प्र. बेयर हाउस कार्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नागाइच, सांसद गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, चित्रकूट विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष विजय यादव, दीन दयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय, तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा बडी संख्या में श्रद्धालु और आमजन उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

