जबलपुर: धारावाहिक ‘लक्ष्मी निवास’ पर विवाद, 9 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट पेश करने कोर्ट के आदेश
जबलपुर, 18 मार्च (हि.स.)। जीटीवी पर प्रसारित धारावाहिक ‘लक्ष्मी निवास’ एक बार फिर विवादों में घिर गया है। शहर के धार्मिक स्थलों पर फिल्माए गए कथित आपत्तिजनक दृश्यों को लेकर दायर परिवाद पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शुभांगी पालो की अदालत ने बुधवार को थाना गोरखपुर प्रभारी को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट 9 अप्रैल तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि विश्व प्रसिद्ध चौसठ योगिनी मंदिर (भेड़ाघाट) और ग्वारीघाट जैसे पवित्र स्थलों को पृष्ठभूमि बनाकर धारावाहिक में अशोभनीय एवं आपत्तिजनक दृश्य फिल्माए और प्रसारित किए गए।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विवेक तिवारी द्वारा दायर परिवाद में कहा गया है कि मंदिर परिसर के भीतर छेड़छाड़ जैसे दृश्य दिखाए गए, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
परिवादी के अनुसार, संबंधित दृश्य सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए, जिसके बाद आमजन में आक्रोश की स्थिति निर्मित हुई। मामले को लेकर पहले थाना गोरखपुर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया।
इस प्रकरण में धारावाहिक के निर्माता रश्मि शर्मा, निर्देशक पवन कुमार मरूत और संबंधित चैनल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अनावेदक बनाया गया है। परिवाद में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध का संज्ञान लेने की मांग की गई है। अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद अब मामले की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

