चित्रकूट में इस बार दिखेगा रामायण का अद्भुत प्रसंग, ड्रोन-लेजर शो से सजेगा आसमान

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चित्रकूट में इस बार दिखेगा रामायण का अद्भुत प्रसंग, ड्रोन-लेजर शो से सजेगा आसमान


चित्रकूट, 06 अक्टूबर (हि.स.)। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास काल के साढ़े 11 वर्षों का साक्षी रहा चित्रकूट इस दीपावली पर भव्य आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप धर्मनगरी को अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित करने के प्रयासों के बीच इस बार दीपावली उत्सव में आधुनिक तकनीक के साथ बुंदेली लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। आयोजन में रामायण के प्रसंगों को ड्रोन और लेजर शो के माध्यम से प्रस्तुत करने की तैयारी है।

ड्रोन और लेजर शो में दिखेंगे रामायण के प्रसंग

दीपावली मेले का प्रमुख आकर्षण रामायण की थीम पर आधारित ड्रोन और लेजर शो होगा। चित्रकूट में पहली बार होने जा रहे इस हवाई प्रदर्शन की जिम्मेदारी तकनीक कंपनी 'बोटलैब' को दी गई है। कंपनी इससे पहले अयोध्या के दीपोत्सव और वाराणसी में भी इस तरह के आयोजन कर चुकी है।

प्रशासन की देखरेख में ड्रोन शो के लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। शो में चित्रकूट के आसमान में रोशनी के जरिए भगवान श्रीराम के वनगमन, चित्रकूट आगमन, महर्षि अत्रि और माता अनसूया से भेंट तथा भरत मिलाप जैसे प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। लेजर लाइट, वॉयस ओवर और भजनों के माध्यम से इन प्रसंगों को जीवंत रूप देने की तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को रामायण काल से जुड़े प्रसंगों का दृश्य अनुभव मिल सकेगा।

सात भव्य प्रवेश द्वार, छह चौराहों पर विशेष सजावट

दीपावली मेले को भव्य रूप देने के लिए पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों को सजाया जा रहा है। मेला क्षेत्र के मुख्य प्रवेश मार्गों पर सात बड़े एलईडी प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। वहीं चित्रकूटधाम के छह प्रमुख चौराहों को विशेष रोशनी और विषय आधारित कलाकृतियों से सजाया जाएगा।

स्थानीय बुंदेली संस्कृति और लोक कलाओं को मंच देने के लिए मेला क्षेत्र में नौ छोटे सांस्कृतिक मंच बनाए जाएंगे। इन मंचों पर क्षेत्रीय कलाकार लोक संस्कृति, भक्ति संगीत और रामायण से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पर्यटकों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए रामायण और भक्ति की थीम पर 10 विशेष सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए जा रहे हैं।

50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना

चित्रकूट मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश दोनों राज्यों में फैला होने के कारण दीपावली मेले की व्यवस्थाओं में दोनों राज्यों के प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बार मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए मेला क्षेत्र, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और मंदाकिनी नदी के घाटों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

पुलिस बल के साथ एटीएस और सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत बनी रहे।

12 पार्किंग स्थल और छह खोया-पाया केंद्र

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगरपालिका चित्रकूटधाम की ओर से 12 बड़े पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं। भीड़ के दौरान परिजनों से बिछड़ने वाले लोगों की सहायता के लिए छह खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं को 24 घंटे बिजली, शुद्ध पेयजल और साफ-सुथरे घाट उपलब्ध कराने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों की स्वच्छता के लिए विशेष टास्क फोर्स तैनात रहेगी।

951 करोड़ की परियोजनाओं से मजबूत हुआ बुनियादी ढांचा

हाल ही में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट और मानिकपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 951 करोड़ रुपये की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। इन परियोजनाओं से सड़क, स्वास्थ्य, पुल और पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दीपावली पर मंदाकिनी नदी के रामघाट, भरतघाट और राघव प्रयाग घाटों को लाखों दीपों से सजाने की तैयारी है। इस बार आधुनिक तकनीक से होने वाले ड्रोन-लेजर शो, दीपों की रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बुंदेली लोककला का संगम चित्रकूट की दीपावली को खास बनाने जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि आयोजन से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ चित्रकूट और बुंदेलखंड के स्थानीय कारोबार को भी गति मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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