तीजन बाई का कला जगत में योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर किया दु:ख व्यक्त
भोपाल, 05 जुलाई (हि.स.) । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन दु:ख व्यक्त किया है। तीजन बाई का रविवार सुबह रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं और अस्पताल में उनका इलाज जारी था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने शोक संदेश में कहा कि अद्वितीय प्रतिभा की धनी तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला, ओजस्वी प्रस्तुति और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से भारतीय संस्कृति और पंडवानी गायन को वैश्विक पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। कला जगत में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत तीजनबाई की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोकाकुल परिजन तथा प्रशंसकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित गनियारी गांव में जन्मी तीजन बाई ने बहुत कम उम्र में ही पंडवानी की प्रस्तुति शुरू कर दी थी। महाभारत की कथाओं को अपनी सशक्त आवाज, अभिनय और प्रभावशाली मंचीय शैली के जरिए जीवंत करने के कारण उन्होंने इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। अपने लंबे और समर्पित कला जीवन में उन्होंने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अनेक प्रस्तुतियां दीं। भारतीय लोक कला में उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

