एमपी में बोर्ड रिजल्ट के बाद दो घटनाएं: छिंदवाड़ा में छात्रा की मौत, मुलताई में छात्र की हालत गंभीर
छिंदवाड़ा/ मुलताई, 15 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश बोर्ड ने बुधवार को 10वीं और 12वीं बोर्ड के रिजल्ट जारी कर दिए। 10वीं के 73.42 और 12 के 76% स्टूडेंट्स पास हुए। दोनों परीक्षाओं में करीब 16 लाख छात्र-छात्रा शामिल हुए थे। बोर्ड परीक्षा परिणाम आने के बाद मप्र के दो अलग-अलग स्थानों पर फेल हाेने से दुखी छात्राें ने आत्मघाती कदम उठाया। छिंदवाड़ा में एक छात्रा ने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली, वहीं मुलताई में एक छात्र ने कीटनाशक पी लिया, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी अनुसार पहला मामला छिंदवाड़ा शहर के मोहन नगर क्षेत्र का है। यहां रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा सानिया पुत्री सतीश ने बुधवार काे बोर्ड परीक्षा परिणाम आने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कुछ समय से अपने नाना-नानी के घर रह रही थी। परिजनों के अनुसार, छात्रा ने मोबाइल पर अपना परीक्षा परिणाम देखा और इसके बाद बाथरूम में चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई। दरवाजा तोड़ने पर वह फंदे पर लटकी मिली। तत्काल उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि छात्रा तीन विषयों में अनुत्तीर्ण हुई थी, जिससे वह मानसिक तनाव में थी। घटना के बाद परिवार और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुलताई में 12वीं के छात्र ने कीटनाशक पिया, हालत नाजुक
वहीं दूसरा मामला मुलताई का है। यहां भी 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले निजी स्कूल के एक 17 वर्षीय छात्र ने परीक्षा में असफल होने के बाद कीटनाशकर पी लिया। जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 1 बजे छात्र ने रिजल्ट आने के बाद अपने पिता को बताया कि वह परीक्षा में फेल हो गया है। इसके कुछ ही समय बाद उसने यह कदम उठा लिया। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और इलाज जारी है।
प्रशासन और विशेषज्ञों की अपील, ‘कोई भी परीक्षा आखिरी नहीं’
इन घटनाओं के बाद शिक्षा विभाग और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों व अभिभावकों से संयम और संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि बोर्ड परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं होती। असफल होने पर छात्रों के लिए पुनः परीक्षा (इम्प्रूवमेंट) जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के तनाव या निराशा की स्थिति में अपने परिजनों, शिक्षकों या मित्रों से खुलकर बात करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

