छतरपुर: प्रसाद खाने के बाद एक ही परिवार के 8 लोगों की तबीयत बिगड़ी, चार बच्चे और तीन महिलाएं शामिल
-2 साल के बच्चे की हालत अस्थिर, पीआईसीयू में भर्ती, प्रसाद की जांच कराई जा रही
छतरपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बरकौंहा गांव में मंदिर में पूजा के बाद प्रसाद के रूप में मिले पेड़े खाने से एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बीमारों में चार बच्चे, तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इनमें एक महिला सात माह की गर्भवती है। सभी को शनिवार सुबह छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो साल के बच्चे की हालत अस्थिर होने पर उसे पीआईसीयू में रखा गया है।
परिजन गणेश कुशवाह के मुताबिक, गांव के काली मंदिर में पूजा के बाद करीब आधा किलो पेड़े प्रसाद के रूप में मिले थे। परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार शाम को प्रसाद खाया। इसके करीब 20 मिनट बाद एक-एक कर सभी को चक्कर आने लगे और कुछ लोग गिर पड़े। परिजनों ने कुछ लोगों के असामान्य व्यवहार और अस्पष्ट बातें करने की भी जानकारी दी।
परिजनों ने जताई जादू-टोने की आशंका
घटना के बाद परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि युवक मंदिर में बैठता है और तांत्रिक क्रियाएं करता है। हालांकि, पुलिस या किसी जांच एजेंसी की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। एक साथ आठ लोगों की तबीयत बिगड़ने के कारण प्रसाद की गुणवत्ता और अन्य संभावित खाद्य या स्वास्थ्य संबंधी कारणों की भी जांच की जा रही है।
2 साल के बच्चे की हालत अस्थिर
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6 बजे आठ मरीजों को अस्पताल लाया गया था। सभी में चक्कर, लड़खड़ाने, अस्पष्ट बोलने और असामान्य व्यवहार जैसे लक्षण पाए गए। उपचार के बाद सात मरीजों की स्थिति स्थिर है, जबकि दो साल के बच्चे की हालत अभी अस्थिर बनी हुई है। उसे पीआईसीयू में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है। सात माह की गर्भवती महिला की गायनेकोलॉजी टीम ने जांच की है। मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स और गायनेकोलॉजी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम मरीजों का उपचार कर रही है।
ये आठ लोग अस्पताल में भर्ती
सीता कुशवाह (8), धनवांती (26), पूनम (करीब डेढ़ वर्ष), करण (2), रामकली कुशवाह (23), हरबाई (50), नीराज (11) और घनश्याम (55) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रामकली सात माह की गर्भवती हैं। प्रसाद के नमूने और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

