छतरपुरः निर्माण के दौरान मंदिर का गेट गिरने से दबे चार मजदूर, एक की मौत

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छतरपुरः निर्माण के दौरान मंदिर का गेट गिरने से दबे चार मजदूर, एक की मौत


छतरपुरः निर्माण के दौरान मंदिर का गेट गिरने से दबे चार मजदूर, एक की मौत


छतरपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव नगर में शुक्रवार शाम को निर्माण कार्य के दौरान धौर्रा मंदिर का गेट अचानक गिर गया। इससे वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नौगांव पुलिस के अनुसार, धौर्रा हनुमान मंदिर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर है। यहां आसपास के इलाके के लोग दर्शन करने आते हैं। शुक्रवार को धौर्रा मंदिर में निर्माणाधीन तोरण द्वार का काम चल रहा था। इसी दौरान बांस-बल्ली का स्ट्रक्चर टूट गया। करीब 30 फीट की ऊंचाई से सभी मजदूर नीचे गिर गए और मलबे में दब गए। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला।

थाना प्रभारी बाल्मिक चौबे ने बताया कि मंदिर के गेट का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है। मृतक की पहचान राम मिलन (35) पुत्र गोरेलाल के रूप में हुई है। वह छतरपुर के गंज करारा गांव का रहने वाला था। वहीं, हादसे में तीन मजदूर घायल हुए हैं। घायलों में घायलों में संतोष उर्फ संतु (45) पुत्र छिड़िया अहिरवार निवासी ग्राम चांदोरा, थाना नौगांव, छतरपुर, भान प्रताप कुशवाहा (45) पुत्र रामलाल कुशवाहा निवासी ग्राम धोरा, जिला महोबा, उत्तर प्रदेश और धर्मेंद्र (35) पुत्र दिल्लीपत अहिरवार निवासी ग्राम दादरी, थाना नौगांव, छतरपुर शामिल हैं। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इधर, जानकारी मिलते ही छतरपुर सीएमएचओ आरके गुप्ता और सिविल सर्जन शरद चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की जानकारी ली। सीएमएचओ गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर पार्थ जैसवाल के आदेश पर मृतक के परिजन को तत्काल 20 हजार रुपये और घायलों के परिवार को 5000 रुपये की सहायता दी गई है।

नौगांव एसडीएम जीएस पटेल ने कहा कि हादसा लेंटर की कमी या निर्माण सामग्री की खराब क्वालिटी के कारण हुआ, यह तकनीकी टीम की जांच के बाद स्पष्ट होगा। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष अनूप तिवारी ने कहा कि निर्माण कार्य का ठेका रमेश विश्वकर्मा के पास था। नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे कामों की समय-समय पर जांच की जाती है। हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। जो भी अधिकारी-कर्मचारी या ठेकेदार लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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