जनगणना 2027: मप्र में मकानों की गणना की व्यापक तैयारियां, सभी प्रमुख अधिकारियों की आयोजित हुई समीक्षा बैठक

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जनगणना 2027: मप्र में मकानों की गणना की व्यापक तैयारियां, सभी प्रमुख अधिकारियों की आयोजित हुई समीक्षा बैठक


जनगणना 2027: मप्र में मकानों की गणना की व्यापक तैयारियां, सभी प्रमुख अधिकारियों की आयोजित हुई समीक्षा बैठक


जनगणना 2027: मप्र में मकानों की गणना की व्यापक तैयारियां, सभी प्रमुख अधिकारियों की आयोजित हुई समीक्षा बैठक


मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत

भोपाल, 30 अप्रैल (हि.स.)।मकानसूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य एक मई से प्रारंभ हो रहा है जो 30 मई 2026 तक चलेगा। इस अभियान के दौरान राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक मकान, परिवार और संरचना से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

राज्य के मुख्य सचिव के निर्देशानुसार गुरुवार को राज्य के गृह विभाग एवं जनगणना कार्य निदेशालय के अधिकारियों द्वारा बैठक की गई जिसमें जनगणना निदेशक कार्तिकया गोयल द्वारा राज्य के सभी संभागायुक्त, जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मकानसूचीकरण कार्य की समीक्षा की गयी।

बैठक में अभियान की कार्ययोजना, डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बार मकानसूचीकरण और जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यमों से संचालित की जाएगी। प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जानकारी दर्ज की जाएगी। कार्य की निगरानी भी डिजिटल प्रणाली के माध्यम से की जाएगी।

बैठक में जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात केवल डेटा भरने की तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जाए। जनगणना कार्य में विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को फोटोयुक्त पहचान-पत्र जारी किए जाएंगे। वहीं इस दौरान प्रदेश के निवासियों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत पहचान-पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी उपलब्ध कराएं।

शहरी क्षेत्रों, बंद गेट वाली कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है। आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि उनके समन्वय व सहयोग से प्रगणकों को प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा न हो और कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी आदि के माध्यम से जनगणना के महत्व एवं जागरूकता उत्पन्न करने हेतु भी निर्देश जारी किये गए हैं। जनगणना निदेशक ने बताया कि मकानसूचीकरण केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है। सही आंकड़ों के आधार पर आवास, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलती है। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी क्षेत्र की दोहरी गणना न हो, कोई क्षेत्र छूटे नहीं और दूरस्थ इलाकों तक भी अभियान प्रभावी ढंग से पहुंचे ।

बैठक के दौरान प्रगति की नियमित निगरानी के लिए एक प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, किसी भी प्रकार की समस्या या तकनीकी बाधा उत्पन्न होने पर उसका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिये गए । बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलों में निगरानी टीमों को सक्रिय रखने तथा जनगणना से जुड़ी गलत सूचनाओं का त्वरित निराकरण करने को कहा गया है। जनगणना संबंधी जानकारी एवं सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध रहेगा। यह सभी को स्पष्ट करने को कहा गया कि उनके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी एवं जनगणना में दर्ज की गई जानकारी के आधार पर किसी को भी व्यक्तिगत रूप से कोई हानि नहीं होगी। प्रशासन ने स्थानीय मीडिया, रेडियो, सोशल मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों के जरिए जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि लोग स्वेच्छा से सही जानकारी साझा करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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