गुफा मंदिर से बरेला गांव का रास्ता बंद होने पर कलेक्टोरेट पहुंचीं महिलाएं, सीढ़ियों पर बैठकर किया प्रदर्शन
भोपाल, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गुफा मंदिर से बरेला गांव की ओर जाने वाला रास्ता बंद होने के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंच गईं। महिलाओं ने कलेक्टोरेट की सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन किया और रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों से उनकी बहस भी हुई। बाद में महिलाओं ने एडीएम सुमित पांडेय से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रास्ता बंद होने से गांव के लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को एक महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने में भी दिक्कत हुई। मंगलवार को महिला की शवयात्रा निकालने में भी रास्ता बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंचीं।
एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी, ऑटो से ले जाते समय महिला की मौत
बरेला निवासी आशीष शर्मा के अनुसार, सोमवार को एक महिला घर के बाथरूम में गिर गई थीं। चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत थी, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। परिजन उन्हें ऑटो से अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि रास्ता खुला होता तो महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
50 साल पुराना रास्ता तीन-चार साल से बंद
महिलाओं ने एडीएम को बताया कि गुफा मंदिर के पास से बरेला गांव की ओर जाने वाला रास्ता करीब 50 साल पुराना है। ग्रामीणों के मुताबिक, गुफा मंदिर समिति ने पिछले तीन-चार साल से इस रास्ते को बंद कर रखा है। उनका कहना है कि पिछले साल भी रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उस समय आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन रास्ता अब तक नहीं खोला गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिर की जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जबकि वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को बंद कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर रास्ता खुलवाने की मांग की।
बारिश में सड़क जर्जर, बच्चों को भी परेशानी
रहवासी पुष्पा आचार्य ने कहा कि रास्ते पर कई दशक पुराना गेट लगा है, जिसे बंद कर दिया गया है। उनका कहना है कि गेट खुला होता तो ग्रामीणों की आवाजाही आसान होती और आपात स्थिति में मरीजों को भी समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के कारण वैकल्पिक रास्ते की स्थिति भी खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। रेखा शर्मा ने कहा कि रास्ता बंद होने से ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। उन्होंने मंदिर समिति से धार्मिक भावनाओं और ग्रामीणों की जरूरत को देखते हुए गेट खोलने की अपील की।
एडीएम बोले- कार्रवाई करेंगे, ग्रामीणों ने मांगा स्थायी समाधान
महिलाओं ने एडीएम सुमित पांडेय को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। एडीएम ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि, महिलाओं ने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं चाहतीं, बल्कि रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान चाहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्ते की स्थिति की जांच कर उसे जल्द से जल्द आवागमन के लिए खोलने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

