सागर : कड़ान सतगढ़ बांध में डूबने से 7 भैंसों की मौत, सिंघाड़े के जाल में फंसने की आशंका
सागर, 06 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र के ग्राम वनगुआं के पास स्थित कड़ान सतगढ़ बांध में डूबने से 7 भैंसों की मौत हो गई। इस घटना ने एक गरीब किसान की मेहनत की कमाई को पल भर में उजाड़ दिया है। मृत भैंसों की कुल कीमत लगभग 6 लाख रुपये आंकी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम वनगुआं निवासी किसान रामजी पटेल पुत्र बाबूलाल पटेल की सात भैंसें रोजाना की तरह गुरुवार को जंगल और आसपास के खेतों में चरने के लिए गई थीं। शाम ढलने के बाद जब पशु घर नहीं लौटे, तो किसान और उसके परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने देर रात तक आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन अंधेरा होने के कारण उनका कुछ पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह जब दोबारा तलाश शुरू हुई, तो कड़ान सतगढ़ बांध के पानी में एक भैंस तैरती हुई दिखाई दी। ग्रामीणों की मदद से जब पानी के अंदर पड़ताल की गई, तो एक-एक कर सभी 7 भैंसों के शव बरामद हुए।
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि बांध के उस हिस्से में सिंघाड़े की खेती की गई थी। खेती के बाद बचा हुआ कचरा, टहनियां और जाल जैसी संरचना पानी के भीतर ही रह गई थी। आशंका जताई जा रही है कि पानी पीते समय या बांध के किनारे उतरते समय भैंसों के पैर उस कचरे और जाल में उलझ गए होंगे, जिससे वे खुद को निकाल नहीं पाईं और डूबने से उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही नरयावली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मौजूदगी में शवों को बाहर निकलवाकर पंचनामा तैयार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नुकसानी का आकलन कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।
मेरा सबकुछ चला गया। 6 लाख रुपये की भैंसें थीं, जो मेरी आजीविका का मुख्य साधन थीं। प्रशासन से गुहार है कि मुझे उचित मुआवजा दिया जाए ताकि मैं फिर से अपना काम शुरू कर सकूं। — रामजी पटेल, पीड़ित किसान
पुलिस और राजस्व विभाग की टीम अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके और सरकारी नियमों के अनुसार पीड़ित किसान को राहत राशि प्रदान की जा सके।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

