जबलपुरः बारह दिनों तक चले पुस्तक मेला का हुआ भव्य समापन

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जबलपुरः बारह दिनों तक चले पुस्तक मेला का हुआ भव्य समापन


जबलपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला प्रशासन द्वारा छात्रों और अभिभावकों को रियायती दरों पर निजी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकें, यूनिफार्म और सभी शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने शहर के हृदय स्थल गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित बारह दिवसीय पुस्तक मेला का रविवार को भव्य समापन हुआ।

पुस्तक मेला के समापन समारोह के मुख्य अथिति सांसद आशीष दुबे थे। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन में पुस्तक मेला के आयोजन को निरंतरता प्रदान करने के लिये जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की सराहना की।

पुस्तक मेला के आखिरी दिन आज खासी भीड़ देखी गई। छात्रों और अभिभावकों ने पुस्तक मेला में कॉपी-किताबों, यूनिफार्म और स्कूल के लिये आवश्यक अन्य सभी शैक्षणिक सामग्री पर मिल रही भारी छूट का लाभ उठाते हुये जमकर खरीदारी की। पुस्तक मेला के समापन दिवस पर भी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया और स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।

जबलपुर नवाचारों की जननी - सांसद

पुस्तक मेला के समापन समारोह को संबोधित करते हुये सांसद आशीष दुबे ने संस्कारधानी जबलपुर को नवाचारों की जननी बताया। उन्होंने कहा कि इस शहर ने हमेशा समाज, प्रदेश और देश को नई दिशा दी है। पुस्तक मेला ऐसा ही एक अभिनव पहल है, जिसकी शुरुआत अभिभावकों पर निजी स्कूलों की महंगी कॉपी किताबों के पड़ने वाले आर्थिक भार को कम करने के लिये वर्ष 2024 में की गई थी। जबलपुर के इस नवाचार की न केवल प्रदेश के सभी जिलों ने अपनाया, बल्कि देश भर में इसे काफी सराहना मिली।

सांसद दुबे ने कहा कि पुस्तक मेला एक ही स्थान पर सभी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकें, यूनिफार्म, कॉपियां, स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स जैसी शैक्षणिक सामग्री न्यूनतम और प्रतिस्पर्धी दरों पर छात्रों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराने में कामयाब रहा है। उन्होंने पुस्तक मेला की साल दर साल बढ़ रही भव्यता की सराहना भी की। दुबे ने पुस्तक मेला में लगाये गये बुक बैंक स्टाल और रीड ऑन रेंट जैसे नवाचारों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बुक बैंक स्टाल के माध्यम से नाम मात्र के शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही पाठ्यपुस्तकों से ऐसे बच्चों को भी अच्छी शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी जिनके अभिभावकों के आर्थिक संसाधन सीमित हैं।

सांसद ने कहा कि पुस्तक मेला के आयोजन ने अभिभावकों पर विशेष स्थान से कॉपी किताब खरीदने के दबाब को कम करने में भी सफल रहा है। उन्होंने आने वाले वर्ष में भी नये नवाचारों के साथ पुस्तक मेला के आयोजन की कामना की तथा नागरिकों से भी आव्हान किया कि वे पुस्तक मेला के भव्य आयोजन में सहभागी बनने और इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहयोग करें।

दुबे ने पुस्तक मेला में प्रतिदिन आयोजित की गई सांस्कृतिक संध्या को भी अभिनव प्रयोग बताया। उन्होंने कहा कि इसने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अच्छा मंच और अवसर उपलब्ध कराया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि छात्रों और अभिभावकों को रियायती दरों पर निजी स्कूलों की कॉपी-किताबें और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने पुस्तक मेला के आयोजन की शुरुआत वर्ष 2024 से शुरू की गई थी। पिछले दो वर्ष मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद पुस्तक मेला का यह लगातार तीसरा आयोजन है। उन्होंने पुस्तक मेला में अपनाए गये नवाचारों की जानकारी भी दी तथा इसे सफल बनाने में सहयोग के लिये शहर के नागरिकों, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों तथा पुस्तक विक्रेताओं का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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