किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं, एथेनॉल और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी आय: के. साईं रेड्डी

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किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं, एथेनॉल और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी आय: के. साईं रेड्डी


भोपाल, 18 जुलाई (हि.स.)। भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने शनिवार को भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में किसानों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों के अधिकारों की रक्षा, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए लगातार कार्य करता रहेगा। पत्रकार वार्ता के बाद किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात कर प्रदेश के किसानों की समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।

के. साईं रेड्डी ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वर्तमान वितरण व्यवस्था में कई व्यावहारिक खामियां हैं, जिन्हें तत्काल दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से टोकन प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक इंतजार और परेशानियों का सामना न करना पड़े तथा खाद-बीज का वितरण पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी हो।

उन्होंने सैटेलाइट सर्वे के कारण किसानों के सामने आने वाली समस्याओं का भी उल्लेख किया और कहा कि तकनीक का उपयोग किसानों की सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि उनकी परेशानियां बढ़ाने के लिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि सैटेलाइट सर्वे में आने वाली विसंगतियों का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों की उपज की निर्बाध खरीदी सुनिश्चित करने तथा अल्प वर्षा जैसी परिस्थितियों में तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।

फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 की रबी और खरीफ फसलों के बीमा का केंद्र सरकार का अंश प्राप्त हो चुका है। अब राज्य सरकार को अपना हिस्सा जारी कर किसानों के लंबित बीमा दावों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि संकट की घड़ी में किसानों को वास्तविक राहत मिल सके।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने कृषि में अत्यधिक उपयोग होने वाले घातक रसायनों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता जताते हुए प्राकृतिक खेती को भविष्य का विकल्प बताया। उनका कहना था कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर बढ़ती निर्भरता से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। यदि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए तो उत्पादन लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी सुधार आएगा। उन्होंने जैविक एवं जैव उत्पादों के लिए मजबूत बाजार व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की।

एथेनॉल नीति पर बोलते हुए के. साईं रेड्डी ने इसे किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने E20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों के खराब होने संबंधी खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि इस प्रकार की सूचनाएं किसानों और आम नागरिकों में भ्रम पैदा कर रही हैं। रायपुर उपभोक्ता फोरम के एक निर्णय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी एक मामले के आधार पर पूरी एथेनॉल नीति पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है। इस विषय पर तकनीकी विशेषज्ञों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने किसानों से भी आह्वान किया कि वे अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर न बेचें। यदि किसान संगठित होकर अपनी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करेंगे तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी। भारतीय किसान संघ इस दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा।

इस अवसर पर उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कैलारस शुगर मिल को पुनः प्रारंभ करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे मुरैना क्षेत्र के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहतभरा कदम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई बैठक में बंद शुगर मिल को दोबारा संचालित करने तथा वहां 100 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन इकाई स्थापित करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने समाधान का भरोसा दिलाया।

के. साईं रेड्डी ने विश्वास व्यक्त किया कि एथेनॉल आधारित कृषि अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य तथा कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे कदम देश के कृषि क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर, टिकाऊ और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पत्रकार वार्ता में भारतीय किसान संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, मध्यभारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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