बीना मंडी में सचिव और कर्मचारी से अभद्रता का आरोप, कवर्ड शेड पर कब्जे के विवाद ने पकड़ा तूल

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बीना मंडी में सचिव और कर्मचारी से अभद्रता का आरोप, कवर्ड शेड पर कब्जे के विवाद ने पकड़ा तूल


सागर, 13 जुलाई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के सागर जिले की कृषि उपज मंडी समिति बीना में सोमवार को सरकारी कार्रवाई के विरोध में विवाद खड़ा हो गया। मंडी सचिव ने आरोप लगाया है कि एक व्यापारी फर्म के संचालकों ने मंडी कार्यालय पहुंचकर उनके और एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है, जबकि पूरे मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।

मंडी सचिव प्रकाश मार्को के अनुसार, 'अशोकचंद शिखरचंद' फर्म ने मंडी परिसर के सरकारी कवर्ड शेड में नियमों के विपरीत कृषि उपज का भंडारण कर रखा था। इस संबंध में फर्म को पहले नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद मंडी प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए फर्म की व्यापार आईडी निलंबित कर दी और नई खरीदी पर रोक लगा दी।

मंडी सचिव का आरोप है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर फर्म से जुड़े लोग सोमवार दोपहर मंडी कार्यालय पहुंचे और बहस के दौरान उनके तथा सहायक ग्रेड-3 वीरेंद्र राजपूत के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की।

बताया गया कि इस विवाद को सुलझाने के लिए दो दिन पहले क्षेत्रीय विधायक निर्मला सप्रे ने भी मंडी पहुंचकर दोनों पक्षों से चर्चा की थी। मंडी प्रशासन ने मानवीय आधार पर पहले से रखे अनाज को निकालने की अनुमति दे दी थी, लेकिन नई खरीदी शुरू करने की अनुमति नियमों का हवाला देते हुए नहीं दी गई थी। सोमवार को नीलामी प्रक्रिया के दौरान इसी मुद्दे पर विवाद बढ़ गया।

किसानों के लिए बने शेडों के उपयोग पर उठे सवाल

घटना के बाद मंडी परिसर में बने कवर्ड शेडों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाए गए शेडों का लंबे समय से कुछ व्यापारियों द्वारा गोदाम के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इससे मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता और उन्हें खुले में उपज रखनी पड़ती है, जिससे विशेषकर बारिश के मौसम में नुकसान का खतरा बना रहता है।

मंडी से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि सरकारी शेडों के उपयोग को लेकर समय पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। अब यह भी सवाल उठ रहा है कि किसानों के लिए निर्मित इन शेडों पर लंबे समय तक कथित कब्जा कैसे बना रहा।

घटना के बाद मंडी सचिव ने बीना थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अभद्र व्यवहार सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट बीना एसडीएम और एसडीओपी को भी भेजी गई है। घटना के बाद मंडी कर्मचारियों में नाराजगी का माहौल है।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

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