ब्यावरा-सोनकच्छ रेल लाइन पर ट्रॉली ट्रायल, मार्च-अप्रैल 2027 तक भोपाल-ब्यावरा ट्रेन की उम्मीद

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ब्यावरा-सोनकच्छ रेल लाइन पर ट्रॉली ट्रायल, मार्च-अप्रैल 2027 तक भोपाल-ब्यावरा ट्रेन की उम्मीद


राजगढ़, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में ब्यावरा-सोनकच्छ रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने डीआरएम पंकज त्यागी और रेलवे अधिकारियों के साथ रेल लाइन का ट्रॉली ट्रायल किया। ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर सीआरएस ने निर्माण कार्यों, रेलवे दस्तावेजों, सिग्नल प्रणाली और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया।

करीब एक घंटे तक दस्तावेजों की जांच करने के बाद सीआरएस ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर बने फुटओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। ब्रिज के कुछ हिस्सों में जंग दिखाई देने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य में ऐसी कमियां नहीं रहनी चाहिए, जिनका खामियाजा भविष्य में रेलवे कर्मचारियों को भुगतना पड़े। उन्होंने गुणवत्ता के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद सीआरएस ने उप स्टेशन प्रबंधक कार्यालय और सिग्नल कार्यालय का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए सिग्नल कार्यालय में अगरबत्ती का धुआं किया गया। धुआं फैलते ही अलार्म बज उठा और कर्मचारी अग्निशमन उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गए। करीब आधे घंटे चली इस मॉकड्रिल के माध्यम से आपात स्थिति में कर्मचारियों की तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया।

ट्रैक जाम और अंडरपास में पानी की समस्या पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

निरीक्षण के बाद रेलवे अधिकारियों की टीम ट्रॉली से सोनकच्छ की ओर रवाना हुई। पड़ोनिया और खजूरिया में रेलवे ट्रैक की जांच के दौरान ग्रामीणों ने ट्रैक जाम और अंडरपास में पानी भरने की समस्या को लेकर विरोध जताया।

ग्रामीणों ने बताया कि पड़ोनिया में ओवरब्रिज या अंडरब्रिज की सुविधा नहीं होने के कारण रेलवे फाटक बंद होने पर सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। वहीं खजूरिया के अंडरपास में बारिश का पानी भरने से करीब 20 से 25 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित होता है।

ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद सीआरएस ने रेलवे इंजीनियर को अंडरपास से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही पड़ोनिया में ओवरब्रिज की समस्या के स्थायी समाधान की बात कही।

कुरावर तक ट्रायल पूरा, मार्च-अप्रैल में ट्रेन शुरू होने की उम्मीद

डीआरएम पंकज त्यागी ने बताया कि राजगढ़, खिलचीपुर और भोपाल से कुरावर तक ट्रायल पहले ही किया जा चुका है। कुरावर-सोनकच्छ रेलखंड का काम पूरा होने के बाद इस हिस्से में भी ट्रायल किया जाएगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च-अप्रैल 2027 तक भोपाल से ब्यावरा और रामगंजमंडी के लिए यात्री ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है। गुरुवार को ट्रॉली ट्रायल खजूरिया तक किया गया, जबकि शेष हिस्से में शुक्रवार को ट्रायल किया जाएगा। दो दिनों के दौरान ट्रॉली ट्रायल के साथ फास्ट ट्रायल भी किया जाएगा।

रेल लाइन के इस चरण में ट्रायल पूरा होने के बाद यात्री ट्रेन संचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा। इससे ब्यावरा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भोपाल और अन्य शहरों तक रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

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