वक्फ बोर्ड विवाद के बीच भोपाल के निकाह काज़ी ने दो पदों से दिया इस्तीफा, गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर जताई आपत्ति

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वक्फ बोर्ड विवाद के बीच भोपाल के निकाह काज़ी ने दो पदों से दिया इस्तीफा, गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर जताई आपत्ति


भोपाल, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद के बीच राजधानी भोपाल में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। निकाह काज़ी मोहम्मद मआज़ खान नोमानी नदवी ने बुधवार को अपने दो प्रमुख पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने निकाह काज़ी के पद के साथ ही दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के महासचिव पद से भी त्यागपत्र सौंप दिया।

मआज़ खान ने अपना पहला इस्तीफा शहर काज़ी भोपाल मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी को और दूसरा दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल कलाम कासमी को भेजा। अपने त्यागपत्र में मआज़ खान ने लिखा कि उन्हें जो जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, उनका उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन किया। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में इन पदों पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं रह गया है, इसलिए वे अपना त्यागपत्र सौंप रहे हैं।

गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर असहमति

मआज़ खान ने कहा कि वक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था है और इसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से उन्हें सिद्धांततः आपत्ति है। उनका कहना है कि इस निर्णय का संबंधित जिम्मेदार लोगों द्वारा विरोध किए जाने की अपेक्षा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, उससे भी वे असहमत हैं।

स्वागत कार्यक्रम के बाद लिया इस्तीफे का फैसला

मआज़ खान के अनुसार, हाल ही में शहर काज़ी भोपाल की मौजूदगी में नवगठित मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनव्वर पटेल का स्वागत किया गया। उनका कहना है कि जिन लोगों से इस मुद्दे पर आपत्ति जताने की उम्मीद थी, उन्होंने स्वागत किया। इसी घटनाक्रम के बाद उन्होंने दोनों पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

धार्मिक जिम्मेदारी का हवाला

उन्होंने बताया कि दोनों इस्तीफे 8 जुलाई 2026 को सौंपे गए हैं। उनके अनुसार, यह निर्णय उन्होंने अपने विवेक और धार्मिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए लिया है। त्यागपत्र के अंत में उन्होंने अपने सहयोगियों, शुभचिंतकों और पदाधिकारियों से क्षमा भी मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि उनके इस निर्णय से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है।

वक्फ बोर्ड के गठन के बाद तेज हुई बहस

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के बाद प्रदेशभर में इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विभिन्न मुस्लिम संगठनों, उलेमा और सामाजिक प्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर समर्थन और विरोध दर्ज कराया है। ऐसे माहौल में निकाह काज़ी मोहम्मद मआज़ खान नोमानी नदवी का दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा इस विवाद से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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